
टूलकिट केस: जब जज ने पूछा- मार्च में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करूं तो क्या ये देशद्रोह होगा?
AajTak
पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन भारत में बैन नहीं है. सवाल ये है कि क्या सड़कों पर उतरे लोग टूलकिट की कॉपी जेब में रखकर आए थे ? हिंसा के लिए टूलकिट जिम्मेदार है, इसका कोई सबूत नहीं है.
देशविरोधी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. हालांकि सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और दिशा रवि की तरफ से जो दलीलें रखी गईं उसके आधार पर एडिशनल सेशंस जज धर्मेंद्र राणा ने दिल्ली पुलिस से कई तीखे सवाल भी पूछे. दिशा रवि के वकील एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल दिल्ली पुलिस के वकील और जज के बीच किस बात को लेकर बहस हुई वो पूरा मामला जानिए. जज ने दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा, पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन भारत में बैन नहीं है. सवाल ये है कि क्या सड़कों पर उतरे लोग टूलकिट की कॉपी जेब में रखकर आए थे ? हिंसा के लिए टूलकिट जिम्मेदार है, इसका कोई सबूत नहीं है. टूलकिट के जरिये सिर्फ लोगों को आगे आने, मार्च में हिस्सा लेने और वापस घर जाने के लिए कहा गया था. अगर मैं लोगों को मार्च में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करूं तो क्या ये देशद्रोह हो जाएगा ?
MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











