
ज्ञानवापी सर्वे: मस्जिद का दरवाजा खुला, लेकिन तहखाने की चाबी देने से मुस्लिम पक्ष का इनकार
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वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई की टीम दूसरे दिन सर्वे कर रही है. मुस्लिम पक्ष इस सर्वे में शामिल है. उसने ही मस्जिद का ताला खोला. आज ही मुस्लिम पक्ष के कब्जे के तहखाने भी खोले जाने थे लेकिन मुस्लिम पक्ष के वकील ने तहखाने की चाबी देने से मना कर दिया है.
ज्ञानवापी में शनिवार को दूसरे दिन एएसआई पूरे परिसर का सर्वे कर रही है. इस दौरान मस्जिद के केयरटेकर एजाज अहमद ने कहा कि आज मस्जिद ताला खोला गया है. एएसआई की टीम मस्जिद में प्रवेश गई, वजूखाने को छोड़कर मस्जिद के अंदर भी सर्वे हो रहा है. वहीं इस मामले में अब नया विवाद खड़ा हो गया. मुस्लिम पक्ष अपने कब्जे का तहखाना खोलने के लिए से मना कर दिया है.
मुस्लिम पक्ष के वकील मुमताज अहमद ने ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकलने के बाद कहा कि हम लोग सर्वे का पूरा सहयोग कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हम तहखाने की चाबी क्यों दें उनको, जहां खोलना है, वह खोल लेंगे? उन्होंने बताया कि एएसआई टीम अभी ऊपर के हिस्से का सर्वे कर रही है. शुक्रवार को भी तहखाने में सर्वे की कार्यवाही नहीं हो पाई थी, क्योंकि किसी मुस्लिम पक्ष ने ताला नहीं खोला था और चाबी भी नहीं दी थी. जानकारी के मुताबिक तहखाने में गंदगी और मलबा का ढेर होने की वजह से अभी लंबाई-चौड़ाई मापने का काम शुरू नहीं हो पाया है, इसलिए आज तहखाना खोलकर उसकी सफाई की जानी थी.
एएसआई के सर्वे में शामिल होने से पहले अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेट्री मोहम्मद यासीन ने कहा कि हम कानूनी प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे. अब जब कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया तो हम एएसआई सर्वे में पूरा सहयोग करेंगे. 4 अगस्त हो हुए सर्वे में मुस्लिम पक्ष का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ था. वहीं हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि आज डिटेल मेथड के जरिए काम किया जाएगा, जो आगे के सर्वे का रूप तय करेगा. वाराणसी के जिला जज के न्यायालय ने ASI सर्वे की मियाद बढ़ाकर 4 हफ्ते कर दी है.
- 5 अगस्त को एएसआई ने करीब 7 घंटे सर्वे किया.
- सर्वे में ज्ञानवापी परिसर के चारों ओर बाहरी हिस्सों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी हुई.
- त्रिशूल, स्वास्तिक, घंटी, फूल जैसी आकृतियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई.

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