
जॉनी बेयरस्टो ने कुछ इस तरह लपका KL Rahul का कैच, हर तरफ हो रही तारीफ, देखिए VIDEO
Zee News
बेयरस्टो ने दूसरी स्लिप पर खड़े होकर केएल राहुल का शानदार कैच पकड़ा. इस कैच को देखने के बाद हर किसी के मुंह से सिर्फ वाह निकले.
नई दिल्ली: भारतीय टीम इस वक्त इंग्लैंड में है और इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज की तीसरा मुकाबला खेल रही है. हालांकि मैच की पहली इनिंग में भारतीय बल्लेबाज कुछ खास कर दिखाने में नाकान दिखे और सिर्फ 78 रनों पर टीम ऑल आउट हो गई. जिसके बाद इंग्लैंड की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 432 रन बनाए. इसमें कप्तान जो रूट की सेंचुरी भी शामिल है. WHAT A CATCH!! इसके बाद भारतीय टीम अपनी दूसरी इनिंग खेलने आई और महज 34 रनों पर भारत को केएल राहुल के रूप में झटका लगा. टीम के सलामी बल्लेबाज अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन जॉनी बेयरस्टो (Jonny Bairstow) के एक शानदार कैच ने इस साझेदारी को तोड़ दिया. बेयरस्टो ने दूसरी स्लिप पर खड़े होकर केएल राहुल का शानदार कैच पकड़ा. इस कैच को देखने के बाद हर किसी के मुंह से सिर्फ वाह निकले. Scorecard/Clips:
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









