
जिसे चाहा हटा दिया, जिसे चाहा बैठा दिया... ट्रंप के कमबैक से शेख हसीना को वापसी की उम्मीद क्यों?
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अमेरिका में अब डोनाल्ड ट्रंप की सरकार होगी. चार साल बाद फिर ट्रंप का व्हाइट हाउस में कमबैक हो गया है. ट्रंप के कमबैक से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी अपनी वापसी की उम्मीद है. उन्होंने ट्रंप को भेजे बधाई संदेश में खुद को 'प्रधानमंत्री' बताया है. ऐसे में जानते हैं कि क्यों शेख हसीना को अपनी वापसी की उम्मीद है? और क्यों अमेरिका पर तख्तापलट के इल्जाम लगते रहे हैं?
साल 2006 से 2010 और फिर 2014 से 2018 तक दो बार चिली की राष्ट्रपति रहीं मिशेल बेचलेट ने एक बार मजाक में कहा था कि अमेरिका में कभी तख्तापलट नहीं हुआ है, क्योंकि वहां कोई अमेरिकी दूतावास नहीं है. 2009 में मिशेल जब अमेरिका दौरे पर आईं तो उनके साथ उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनके इस मजाक को लेकर सवाल किया गया तो मिशेल ने इसे एक अमेरिकी व्यक्ति की ओर से किया गया मजाक बताया था. इसके बाद मिशेल और ओबामा, दोनों हंस पड़े.
अमेरिका के बारे में कहा जाता है कि वो अपने हिसाब से दुनिया को चलाना चाहता है. जिस देश की सरकार उसके हितों में आड़े आती है, वहां तख्तापलट कर अपनी पसंद का चेहरा बैठा दिया जाता है. कुल मिलाकर अमेरिका जिसे चाहता है, उसे सत्ता से हटा देता है और जिसे चाहता है, उसे बैठा देता है. इसे एक तरह से साम-दाम-दंड-भेद की नीति भी कहा जा सकता है.
ये सारी बातें इसलिए क्योंकि अब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. अमेरिकी चुनावों में उन्हें 294 इलेक्टोरल वोट मिल गए हैं. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कहीं बेचैनी है तो कहीं सुकून. जिन मुल्कों में बेचैनी है, उनमें से एक बांग्लादेश भी है. बांग्लादेश में अभी मोहम्मद यूनुस सत्ता संभाल रहे हैं. उन्हें 'America's Man' भी कहा जाता है. लेकिन ट्रंप के सत्ता में आने से अब वहां बेचैनी बढ़ गई है.
हसीना 'प्रधानमंत्री', यूनुस के बदले सुर!
रिपब्लिकन पार्टी से तीसरी बार चुनाव लड़े ट्रंप ने जीतकर नया रिकॉर्ड बना दिया है. 131 साल में ये पहली बार है जब व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद किसी पूर्व राष्ट्रपति का कमबैक हुआ है.
ट्रंप के कमबैक से अब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है. शेख हसीना इस साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं. उनके हटने के बाद मोहम्मद यूनुस अब वहां सरकार चला रहे हैं.

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