
जासूस, सैन्य अधिकारी समेत 2 दर्जन लोगों को ईरान ने किया अरेस्ट, हमास चीफ की मौत के बाद ताबड़तोड़ एक्शन
AajTak
ईरान ने हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या से संबंधित जानकारी की तलाश में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार किए गए लोगों में वरिष्ठ खुफिया अधिकारी, सैन्य अधिकारी और उस गेस्ट हाउस के कर्मचारी शामिल हैं, जहां हानिया रह रहा था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी.
ईरान ने हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की व्यापक जांच शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने तेहरान स्थित एक आईआरजीसी कुद्स फोर्स द्वारा संचालित गेस्टहाउस में वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों सहित दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जहां हमास नेता की हत्या की गई थी.
बुधवार को तड़के एक विस्फोट में इस्माइल हानिया की हत्या के बाद बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हुई है. ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने आए हानिया की बुधवार को हत्या कर दी गई थी. हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उनकी मौत इजरायली हवाई हमले में हुई है, लेकिन बाद में सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की, कि गेस्ट हाउस में विस्फोटक लगाकर उसकी हत्या की गई. हानिया ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान आया था. इस दौरान वह ईरान की राजधानी उत्तरी तेहरान में स्थित एक गेस्टहाउस में ठहरा था.
इजरायल ने पूरा किया 7 अक्टूबर के खूनखराबे का बदला, हमास चीफ इस्माइल हानिया को तेहरान में मारा, उड़ा डाला घर
ईरान ने इजरायल को ठहराया जिम्मेदार
इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान निदेशक अली वेज़ ने कहा, 'यह धारणा घातक साबित हो सकती है कि ईरान न तो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर सकता है और न ही अपने प्रमुख सहयोगियों की....' मध्य पूर्व और ईरान दोनों के ही अधिकारियों ने कहा है कि यह घातक विस्फोट हानिया के कमरे में उनके पहुंचने से दो महीने पहले लगाए गए बम का परिणाम था. ईरानी अधिकारियों और हमास ने बुधवार को कहा कि हत्या के लिए इजरायल जिम्मेदार है.
ईरान ने शुरू की जांच

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







