
'जालंधर में जीत ऐतिहासिक, 2024 में जीतेंगे पंजाब की सभी सीटें', केजरीवाल की हुंकार
AajTak
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जालंधर सीट 50 साल से कांग्रेस के कब्जे में थी. हमने जालंधर में ऐतिहासिक जीत हासिल की है. उन्होंने 2024 के आम चुनाव में पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटें जीतने का दावा किया.
आम आदमी पार्टी ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में चार सीटें जीतकर संसदीय सफर की शानदार शुरुआत की थी. आम आदमी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में महज एक सीट पर सिमट गई और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में वह सीट भी फिसल गई. लोकसभा में आम आदमी पार्टी शून्य पर पहुंच गई थी. अब जालंधर उपचुनाव ने पार्टी में नई जान फूंक दी है.
जालंधर उपचुनाव के वोट गिने जा रहे थे, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुशील कुमार रिंकू लगातार मजबूत बढ़त बनाए हुए थे और इधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली पहुंच गए थे. भगवंत मान ने दिल्ली पहुंचकर अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. केजरीवाल ने दिल्ली के सीएम हाउस पहुंचे मान को गले लगाकर जालंधर में जीत की बधाई दी और इसके बाद दोनों नेता पार्टी मुख्यालय पहुंचे.
अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 में पार्टी के प्रदर्शन की चर्चा की और लोकसभा में शून्य पर पहुंचने का भी जिक्र किया. केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने जालंधर में ऐतिहासिक जीत हासिल की है. उन्होंने कहा कि ये सीट कांग्रेस का गढ़ रही है और यहां 50 साल से कांग्रेस जीत रही थी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता था कि ये उनकी सीट है तो लोग उन्हें ही वोट देंगे. कांग्रेस का कोई बड़ा नेता वहां वोट मांगने ही नहीं आया. केजरीवाल ने कहा कि अब ऐसा नहीं है. हम 2024 में भी 13 की 13 लोकसभा सीटें जीतेंगे. उन्होंने कहा कि पहले साल गवर्नेंस किसी भी सरकार के लिए बहुत कठिन होता है.
हम करते हैं काम की राजनीति
केजरीवाल ने कहा कि हमें पिछली सरकार से कई बड़ी खामियां विरासत में मिली थीं. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि भगवंत मान ने कमाल का काम किया है. केजरीवाल ने कहा कि हम काम की राजनीति करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में जब आम आदमी पार्टी की लहर चल रही थी, तब भी हम जालंधर की नौ में से चार सीटें ही जीत सके थे.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









