
जम्मू-कश्मीर: राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए 15 दिनों का कैंपेन शुरू करेगी कांग्रेस, केंद्र पर लगाया आरोप
AajTak
तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक अजीब स्थिति बनी हुई है, जहां लोग बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के बावजूद निराशा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनके रोजमर्रा के मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है.
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बुधवार को घोषणा की कि कांग्रेस केंद्र शासित प्रदेश में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर 15 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू करेगी. उन्होंने बताया कि यह अभियान 13 फरवरी को उधमपुर जिले से शुरू किया जाएगा, क्योंकि 'भाजपा अब तक अपने राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा करने में विफल रही है और हमें उनकी मंशा पर संदेह है.'
तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक अजीब स्थिति बनी हुई है, जहां लोग बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के बावजूद निराशा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनके रोजमर्रा के मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है.
'ठंडा रवैया अपना रही सरकार'
तारिक हमीद ने कहा, 'राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग विधानसभा चुनावों से पहले और बाद में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है. हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को उनके द्वारा संसद के अंदर और बाहर तथा जम्मू-कश्मीर की धरती पर किए गए वादों की याद दिलाई है.'
उन्होंने कहा, 'हमारा राज्य का दर्जा बहाल करने का अधिकार जल्द से जल्द मिलना चाहिए. सरकार की ओर से ठंडा रवैया अपनाया जा रहा है, और 'उचित समय' का बहाना बनाकर इस अधिकार में देरी की जा रही है. हमें उनकी मंशा पर संदेह है.'
15 दिनों का अभियान शुरू कर रही कांग्रेस

पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खानेखाखा की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर भारतीय रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाकर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश दिए गए हैं. रेलवे ने यात्री सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.









