
जम्मू कश्मीर पुलिस ने सैयद अली शाह गिलानी को सुपर्द ए खाक करने का वीडियो किया जारी
Zee News
पिछले बुधवार को रात करीब 10.35 बजे गिलानी का निधन हो गया. उनकी मौत के बाद अधिकारियों ने घाटी में व्यापक प्रतिबंध लगाए थे और मोबाइल टेलीफोन और इंटरनेट सुविधाओं को मुअत्तल कर दिया था.
श्रीनगर: सीनियर अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की लाश को सुपर्द ए खाक करने को लेकर कथित तौर पर फैल रही अफवाहों का खंडन करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सिलसिले में एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें सभी इस्लामी रस्मों पर अमल किया गया है. Visuals from the graveyard during burial of SAS Geelani. (4) Video of Ghusul (Abolution) of late SAS Geelani. पुलिस ने जो वीडियो क्लिप जारी किया है उससे पता चला है कि गिलानी की लाश को सही तरीके से नहला कर कफन में लपेटा गया और पाक कुरान की आयतों के बीच कब्र में सुपर्द ए खाक किया गया. उन्होंने चारों ओर फैली अफवाहों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि परिवार के सदस्यों से शव को कब्जे में लेने के बाद, पुलिस ने सीनियर अलगाववादी नेता को इस्लामिक तरीके से नहीं दफनाया था. — Kashmir Zone Police (@KashmirPolice)
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









