
जब मौत को मात देकर लौटे बाहुबली के भल्लालदेव, किडनी फेलियर ने बदली सुपरस्टार की जिंदगी
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एक्टर राणा दग्गुबाती ने उन फिल्मों के लिए मिली एडवांस राशि लौटाने के अपने फैसले के बारे में खुलकर बात की, जिन्हें उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं से पहले साइन किया था.
'बाहुबली' फिल्म में भल्लालदेव के शक्तिशाली किरदार से दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने वाले राणा दग्गुबाती की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया, जब कैमरा और चकाचौंध के पीछे वे मौत से जंग लड़ रहे थे. एक्टर ने अपनी सेहत से जुड़ी उन दर्दनाक मुश्किलों का खुलासा किया था, जिसने न केवल उनके शरीर को बदल दिया, बल्कि उनके करियर की दिशा को भी हिलाकर रख दिया.
हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है. किडनी फेलियर के कारण ही एक्टर राणा दग्गुबाती की स्थिति इतनी नाजुक हो गई थी कि उन्हें एक्टिंग से लंबा ब्रेक लेकर अमेरिका जाना पड़ा, जहां उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ. इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि एक्टर इन सब से कैसे उबरें.
एक्टर को उठानी पड़ी मशक्कत एक्टर राणा दग्गुबाती ने अपनी सेहत से जुड़ी मुश्किलों के अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल, दोनों जिंदगी पर पड़े असर के बारे में खुलकर बात की थी. रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट, 'चैप्टर 2' में शामिल होते हुए एक्टर ने किडनी फेलियर और दिल से जुड़ी दिक्कतों के बाद के उस दौर को याद किया, जिसकी वजह से उन्हें एक्टिंग से ब्रेक लेना पड़ा और अमेरिका में ट्रांसप्लांट करवाना पड़ा. फिल्म इंडस्ट्री में वापसी के बाद दग्गुबाती को कई बड़े बदलाव करने पड़े, जिनमें अपनी बीमारी से पहले जिन प्रोजेक्ट्स के लिए उन्होंने एडवांस ले लिया था, उन्हें वापस करना भी शामिल था.
बड़ी कमर्शियल सफलता हासिल करने के बाद दग्गुबाती की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जब उनकी सेहत बिगड़ गई, जिसकी वजह से उन्हें इंडस्ट्री से जरूरी ब्रेक लेना पड़ा. ठीक होकर भारत लौटने पर उन्हें पता चला कि उनके शरीर में आए बदलावों की वजह से कुछ खास तरह के फिल्मी किरदारों के लिए उन्हें देखने का नजरिया बदल गया था. उन्होंने बताया कि अमेरिका में रहने के दौरान उनका पूरा ध्यान सिर्फ जिंदा रहने पर था; उन्होंने एक साल के इलाज और ठीक होने के बाद अपने बदले हुए रूप को अपनाने में आने वाली मुश्किलों के बारे में भी बात की.
फिल्में छोड़नी पड़ गई अपने साथी एक्टर वरुण तेज के साथ अपने एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए, दग्गुबाती ने एक ऐसे पल का ज़िक्र किया जिससे उनके शरीर में आए बदलावों की गंभीरता का अंदाजा लगता है. उन्होंने कहा, 'मुझे याद है, मेरा एक दोस्त है जो खुद भी एक्टर है - वरुण तेज. वह एक बार मुझसे मिलने आया था. वह भी काफी हट्टा-कट्टा है. बातचीत के बीच में ही मुझे लगा कि वह मुझसे ज्यादा, उस 'राणा' जैसा दिख रहा था जिसे मैं पहले जानता था.' उन्होंने बताया कि इस मुलाकात से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि अपने बदले हुए रूप को स्वीकार करना कितना मुश्किल हो सकता है.
दग्गुबाती ने इस एहसास के भावनात्मक असर के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, 'मैंने सोचा, क्यों न मैं अपनी सारी कहानियां इसी आदमी को दे दूं और बात खत्म कर दूं? यह बहुत अजीब था; खुद के ही एक रूप को न पहचान पाना बहुत उलझन भरा था. मुझे लगता है कि अगर मैं एक्टर न होता, तो शायद मैं इस चीज का सामना न कर पाता.'

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