
जंग की खबरों के बीच बच्चों को कैसे रखें शांत? वार एंजाइटी से बचाने के लिए पेरेंट्स अपनाएं ये टिप्स
AajTak
विशेषज्ञ मानते हैं कि परीक्षा का दबाव पहले से ही छात्रों के मन में तनाव बढ़ा देता है. जब इसके साथ युद्ध, हमले या पूरी दुनिया के कई देशों के टकराव की खबरें जुड़ जाती हैं, तो टीनेज बच्चों में डर, असुरक्षा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता की भावना पैदा हो सकती है.
ईरान में खामनेई की मौत की खबरों के बाद जिस तरह सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर युद्ध की आशंका, हमलों और जवाबी कार्रवाई को लेकर लगातार बहस और वीडियो चल रहे हैं, उसने माहौल में अलग ही बेचैनी पैदा कर दी है. इसी बीच देश भर में बोर्ड परीक्षाएं भी जारी हैं. ऐसे समय में ‘वार एंग्जायटी’ यानी युद्ध से जुड़ी चिंता का असर बच्चों पर ज्यादा गहरा पड़ सकता है. खासकर एग्जाम दे रहे बच्चों पर.
विशेषज्ञ मानते हैं कि परीक्षा का दबाव पहले से ही छात्रों के मन में तनाव बढ़ा देता है. जब इसके साथ युद्ध, हमले या पूरी दुनिया के कई देशों के टकराव की खबरें जुड़ जाती हैं, तो टीनेज बच्चों में डर, असुरक्षा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता की भावना पैदा हो सकती है. मनोचिकित्सकों के अनुसार, इसका असर पढ़ाई में ध्यान भटकने, नींद कम होने, चिड़चिड़ापन बढ़ने या अचानक घबराहट के रूप में दिख सकता है. जो बच्चे पहले से एंग्जायटी या परीक्षा तनाव से जूझ रहे हैं, उनमें यह असर और ज्यादा हो सकता है.
क्या हाती है वार एंग्जायटी?
हावर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक वार एंजाइटी, जिसे कभी-कभी न्यूक्लियर एंग्जायटी भी कहा जाता है, युद्ध या सैन्य संघर्ष से जुड़ी खबरें, तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद पैदा होने वाली सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है. एक स्टडी के मुताबिक यूक्रेन युद्ध की खबरें जब दो साल लंबी महामारी के बाद सामने आईं, तो उन्होंने लोगों के मन पर गहरा असर डाला. विशेषज्ञ मानते हैं कि उस समय लोग पहले से ही थकान, चिंता और नियंत्रण की कमी जैसी भावनाओं से गुजर रहे थे, इसलिए युद्ध की खबरों का प्रभाव और ज्यादा महसूस हुआ.
आंकड़े क्या कहते हैं?
अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के एक पोल में करीब 80% लोगों ने माना कि रूस-यूक्रेन युद्ध की खबरों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी तनाव दिया. सामूहिक हिंसा से जुड़ी चिंता का लंबे समय में क्या असर पड़ता है, इस पर अभी भी शोध जारी है. वहीं फिनलैंड में हुई एक स्टडी में पाया गया कि जो किशोर न्यूक्लियर युद्ध को लेकर ज्यादा चिंतित थे, उनमें पांच साल बाद सामान्य मानसिक रोग जैसे एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा अधिक था.

Yamaha XSR 155 का नया कलर वेरिएंट कंपनी ने लॉन्च कर दिया है. साथ ही ब्रांड ने इस बाइक की कीमतों को भी रिवाइस किया है. हालांकि, बेस वेरिएंट की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. अब ये बाइक 5 कलर ऑप्शन में मिलेगी. कंपनी ने इसे रेट्रो लुक के साथ पिछले साल नवंबर में लॉन्च किया था. आइए जानते हैं इसकी कीमत.












