
छिटकते वफादार, नेतृत्व पर उठते सवाल, 3 करीबियों को नोटिस... अब क्या करेंगे गहलोत?
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राजस्थान में जारी सियासी ड्रामे के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वफादार एक-एक कर छिटकते जा रहे हैं. शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में मौजूद रहे एक और विधायक ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उन्हें आलाकमान का फैसला मंजूर होगा. दूसरी तरफ पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने गहलोत के तीन करीबियों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है. अब अशोक गहलोत का अगला कदम क्या होगा?
राजस्थान का सियासी ड्रामा जारी है. अशोक गहलोत और उनके समर्थक विधायकों के तेवर नरम पड़ते नजर आ रहे हैं तो वहीं कांग्रेस आलाकमान एक्शन में है. विधायक दल की बैठक के लिए बतौर पर्यवेक्षक जयपुर गए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी है. रिपोर्ट में अशोक गहलोत को क्लीन चिट दी गई है तो वहीं अब गहलोत और उनके खेमे के अगले कदम को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है.
कांग्रेस हाईकमान ने अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल एक्शन लेते हुए अशोक गहलोत के तीन करीबियों को कारण बताओ नोटिस दे दिया है. कांग्रेस हाईकमान ने धर्मेंद्र राठौर, शांति धारीवाल और महेश जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 10 दिन में जवाब देने के लिए कहा है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले इन तीनों ही नेताओं को ये कारण बताओ नोटिस कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने जारी की है.
कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति की ओर से जारी की गई नोटिस में कहा गया है कि आपने जो किया वह घोर अनुशासनहीनता है. आप 10 दिन में ये जवाब दीजिए कि पार्टी के संविधान के तहत आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. शांति धारीवाल को जारी नोटिस में ये कहा गया है कि आपने संसदीय कार्य मंत्री होते हुए पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत बुलाई गई मीटिंग में न जाकर अलग से मीटिंग बुलाई. आप डायस पर बैठे, बयान दिया और घोर अनुशासनहीनता की है.
शांति धारीवाल को दी गई नोटिस में ये भी कहा गया है कि आपने विधायकों पर ये दबाव डाला कि वे औपचारिक बैठक में न जाएं. जिस पद पर आप हैं, आपने ऐसी बैठक बुलाई जिससे ये भ्रम उत्पन्न हुआ कि कौन सी बैठक औपचारिक है. यह तब हुआ जब लगातार यह बोला गया कि अजय माकन और मलिकार्जुन खड़गे हर विधायक से वन-टू-वन बात करने आए हैं और विधायकों की राय से कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत कराएंगे. इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाता.
वहीं, धर्मेंद्र राठौर को दी गई नोटिस में कहा गया है कि पार्टी की आधिकारिक विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक बुलाने का पूरा अरेंजमेंट आपने किया जो घोर अनुशासनहीनता है. आप 10 दिन के अंदर जवाब दीजिए कि आपके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जाए? इसी तरह महेश जोशी को नोटिस भेजकर कहा गया है कि आप चीफ व्हिप थे. आपने ही आधिकारिक बैठक के लिए सभी विधायकों को बुलाया था और आपने ही समानांतर बैठक में हिस्सा लिया.
महेश जोशी बोले- अभी नहीं मिला नोटिस

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