
चुनावी कैंपेन शुरू करते हुए ट्रंप अमेरिकन लोगों से बोले- अगर बाइडेन का राज रहा तो थर्ड वर्ल्ड वॉर...
AajTak
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने US के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है. उन्होंने बाइडेन पर अमेरिका को तबाह करने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे गिर रही है. महंगाई तेजी से बढ़ रही है. अमेरिका बर्बादी की तरफ आगे बढ़ रहा है.
अमेरिका में अगले साल (2024) में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना चुनावी कैंपने शुरू कर दिया है. उन्होंने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिजॉर्ट से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर जो बाइडेन का राज अमेरिका पर कायम रहता है तो जल्द ही US को थर्ड वर्ल्ड वॉर लड़ना पड़ सकता है. एक ऐसा युद्ध, जिसमें परिमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल किया जाएगा. 76 साल के डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन सरकार पर अमेरिका को तबाह करने का आरोप भी लगाया.
ट्रंप ने आगे कहा कि उनके (ट्रंप) कार्यकाल के दौरान जो देश अमेरिका को कुछ भी कहने से पहले कई बार सोचते थे, वो भी अब खुलेआम परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे हैं. उन्होंने कहा,'मैं परमाणु विश्व युद्ध की बात ऐसे ही नहीं कह रहा हूं. वह दिन दूर नहीं है, जब जंग हो जाएगी. आप विश्वास करें या फिर ना करें.'
ये भी पढ़ें: पोर्न स्टार से जुड़े मामले में कोर्ट में सुनवाई खत्म, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'Not Guilty'
बाइडेन के फैसले का पड़ रहा बुरा असर
ट्रंप ने कहा कि जो बाइडेन के नेतृत्व में हमारी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है. महंगाई काबू में नहीं है. विश्वास नहीं होता कि रूस और चीन एक मंच पर आ गए हैं और सऊदी अरब ने ईरान के साथ समझौता कर लिया है. चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने मिलकर एक खतरनाक और विनाशकारी गठबंधन बनाया है. मेरे नेतृत्व में यह हो पाना संभव नहीं था.
बच सकती हैं जंग में जाने वाली जान

मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.











