
'चुटकी में कर देंगे काम...', Anthropic के बाद Altruist AI ने किया बड़ा दावा, पूरा हिल गया अमेरिकी बाजार
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Hazel AI ने ऐसा दावा किया है, जिससे अमेरिकी फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई. खासकर उन कंपनियों के शेयरों में जो पारंपरिक वित्तीय सलाह और टैक्स सेवाएं देती हैं.
एक और AI टूल (Tool) ने मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार (Share Market) को हिलाकर रख दिया है, पिछले हफ्ते Anthropic AI की वजह से आईटी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. मेटा, माइक्रोसाफ्ट और अमेजन के शेयर भर-भराकर टूट गए थे.
लेकिन अब इस हफ्ते अमेरिकी फिनटेक (FinTech) कंपनी Altruist ने शेयर बाजार को जोरदार चोट पहुंचाई है. इसके AI प्लेटफॉर्म Hazel को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं. जिससे अमेरिकी फाइनेंस कंपनियों के शेयर मंगलवार को बिखर गए.
कंपनी का दावा है कि Hazel खासतौर से टैक्स प्लानिंग और वित्तीय सलाह देने के लिए बनाया गया है. जिसे अमेरिकी फिनटेक स्टार्टअप Altruist ने तैयार किया है, जो मुख्य रूप से निवेश सलाहकारों और वेल्थ मैनेजमेंट फर्मों को टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म देता है.
Hazel के नए फीचर में क्या है खास?
दरअसल, Altruist ने Hazel में AI-powered टैक्स-प्लानिंग फीचर को लॉन्च किया है, यह फीचर ग्राहकों के टैक्स रिटर्न फॉर्म (जैसे Form 1040), पेरोल जानकारी, अकाउंट स्टेटमेंट्स और अन्य फ़ाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स को पढ़कर बड़े फाइनेंस एक्सपर्ट्स की तरह रणनीति बनाने और सलाह देने का काम करता है. इससे टैक्स प्लानिंग का काम पहले से कहीं आसान और सस्ता होने वाला है. मुख्यतौर पर इससे पर्सनल एडवाइजर को चुनौती मिलने वाली है. इससे पहले यह तरह की सेवाएं महंगे एडवाइजर के जरिए होती थीं.
दावा किया जा रहा है कि Hazel AI बहुत फास्ट रिजल्ट देता है, खासकर पुराने ह्यूमन सलाहकार की तुलना में बहुत तेज और स्मार्ट तरीके से डेटा को पढ़कर पर्सनलाइज्ड टैक्स रणनीतियां तैयार करता है.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











