
चीन में कोरोना विस्फोट से दुनियाभर में दहशत, अलर्ट मोड में भारत... फटाफट लिए गए ये फैसले
AajTak
चीन में कोरोना के पैर पसारने का असर देश की इकोनॉमी पर दिखना भी शुरू हो गया है. विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चीन के विकास दर के अनुमान में बड़ी कटौती की है. मंगलवार को World Bank ने चीन के विकास दर का अनुमान घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया.
कोरोना (Corona) का प्रकोप एक बार फिर दुनिया में दहशत का सबब बनता जा रहा है. चीन में कोविड (Covid in China) के बेकाबू होने से अन्य देशों में भी खतरा बढ़ गया है और भारत में भी इसे लेकर हलचल तेज हो गई है. आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने एक मीटिंग बुलाकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. सरकार दावा कर रही है कि देश हर स्थिति से निपटने को तैयार है और पैनिक की जरूरत नहीं है. यहां बता दें कोरोना का बुरा असर भारत समेत दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं (Economy) झेल चुकी हैं, ऐसे एक और झटका झेलना नुकसानदायक होगा. आइए जानते हैं देश में क्या तैयारियां हो रही हैं?
चीन से जापान तक कोरोना की दहशत सबसे पहले बात करते हैं कोरोना के बढ़ते मामलों की, तो बता दें चीन समेत तमाम देशों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. दुनिया में पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 36 लाख मामले सामने आए हैं, जबकि इस अवधि में 10 हजार लोगों की मौत हुई है. चीन समेत अर्जेंटीना, ब्राजील और जापान में संक्रमण में तेज उछाल आया है, वहीं अमेरिका, जर्मनी और ताइवान जैसे देशों में नए मामले बढ़ रहे हैं.
चीन में हालात हो रहे बेकाबू अन्य देशों की तुलना में चीन में कोरोना से हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं. चीन के चोंगकिंग शहर से कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इनमें जो दृश्य देखने को मिल रहे हैं, उन्हें देखकर दहशत बढ़ रही है. इनमें देखा जा सकता है कि अस्पतालों में मरीजों के चेकअप के दौरान एक डॉक्टर किस तरह अचानक थककर सो जाता है. चीन से सामने आ रही इसी तरह की तस्वीरें और वीडियो परेशान कर देने वाले हैं. इससे चीन की इकोनॉमी के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है.
World Bank ने घटाया ग्रोथ अनुमान चीन में कोरोना (China Corona) के पैर पसारने का असर देश की इकोनॉमी पर दिखना भी शुरू हो गया है. विश्व बैंक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चीन के विकास दर के अनुमान में बड़ी कटौती की है. मंगलवार को World Bank ने चीन के विकास दर का अनुमान घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया. इससे पहले जून 2022 में इसके 4.3 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया था. छह महीनों में 1.6 फीसदी की कटौती की गई है. यही नहीं विश्व बैंक ने कहा है कि अगले साल 2023 में ग्रोथ अनुमान को 8.1 फीसदी से 4.3 फीसदी कर दिया गया है.
बेरोजगारी दर में जोरदार बढ़ोतरी विश्व बैंक (World Bank) ने नेविगेटिंग अनसर्टिनिटी, चाइना इकोनॉमी इन 2023 रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान चीन की पब्लिक हेल्थ पॉलिसी (China Health Policy) बहुत कठोर रही है. लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए ये ठीक है, लेकिन अर्थव्यवस्था पर इसका नेगेटिव असर पड़ रहा है. रिपोर्ट की मानें तो चीन में बेरोजगारी दर अक्टूबर 2022 में बढ़कर 18 फीसदी पर पहुंच गई है. सिर्फ विश्व बैंक ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पिछले हफ्ते चीन का ग्रोथ अनुमान घटाने का संकेत दिया था. इससे पहले अक्टूबर 2022 में विकास दर के अनुमान को 3.2 फीसदी तक घटाया गया था.
अर्थव्यवस्था पर ऐसे होता है असर कोरोना महामारी की पुरानी लहरों में दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं का बुरा हाल हो गया था. दरअसल, कोरोना संक्रमण बढ़ने से आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ जाती हैं. इसे बढ़ने से रोकने के लिए लगाए जाने वाली पाबंदियों या लॉकडाउन से काम-काज ठप हो जाते हैं और लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं, जबकि स्वास्थ्य खर्च में इजाफा होता है. इन सबका असर इकोनॉमी पर साफतौर पर दिखाई देता है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












