
चार मासूमों का कत्ल, जेल की बैरक और बेचैनी… जिस गांव में पली-बढ़ी, वहीं की जेल में बंद है साइको किलर पूनम
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हरियाणा में चार मासूमों के सीरियल मर्डर केस ने झकझोर कर रख दिया है. खूबसूरती से जलन, रिश्तेदारों की बच्चियों और अपने ही तीन साल के बेटे तक को पानी में डुबोकर मारने वाली साइको किलर पूनम अब उसी गांव की जेल में है, जहां वह पली-बढ़ी. गिरफ्तारी के बाद से पूनम जेल की बैरक में बेचैनी है. न ठीक से नींद आ रही, ना खाना निगल पा रही है.
हरियाणा के पानीपत की चार मासूम जिंदगियों को बेरहमी से खत्म करने वाली साइको किलर पूनम अब उसी गांव की जेल में बंद है, जहां वह खुद पली-बढ़ी थी. चार हत्याओं के कबूलनामे के बाद पूनम आज सलाखों के पीछे है. जेल के अंदर उसकी दुनिया बिल्कुल बदल चुकी है. ठंडी रातें, नींद उड़ चुकी है, न के बराबर खाना, और बैरक में लगातार बेचैन आंखें… यह वह पूनम है, जो एक वक्त बच्चों की हत्या के बाद जश्न मनाती थी.
पानीपत महिला जेल के सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तारी के बाद पूनम ने दो रातों से ठीक से नींद नहीं ली. साइको किलर पूनम पिछले दो दिनों से जेल में ठीक से सो नहीं पा रही. जेल सूत्रों के अनुसार, पूनम रात में कभी बैठ जाती है तो कभी लेट जाती है. जेल में ज्यादा कुछ खा नहीं रही है. पूनम जेल की बैरक में बेचैन सी दिखाई दे रही है. वह किसी से बातचीत नहीं कर रही.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूनम को अपने किए पर अफसोस है. वहीं पूनम को जानने वालों का कहना है कि अब पछताने का क्या फायदा है. चार बच्चों को मारते वक्त एक बार भी क्यों नहीं सोचा. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूनम ने कहा था कि वारदात के दौरान वह होशो हवास खो बैठती थी. पूनम पानीपत के सिवाह गांव की रहने वाली है. पूनम गांव में ही बनी जेल में बंद है.
कातिल क्यों बनी पूनम? खूबसूरत बच्चों से जलन
पानीपत पुलिस की जांच और पूनम के कबूलनामे में जो सामने आया, उसने सबको हिलाकर रख दिया. साइको पूनम की सोच थी कि परिवार में मुझसे ज्यादा सुंदर कोई नहीं होना चाहिए. खूबसूरत बच्चियों को देखकर उसके अंदर जलन पैदा होती थी. शुरू होती थी ईर्ष्या… फिर गुस्सा… और धीरे-धीरे हत्या का प्लान.

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