
चारधाम यात्रा पर मौसम की मार जारी, यमुनोत्री हाईवे की सेफ्टी वॉल धंसी, 10 हजार श्रद्धालु फंसे
AajTak
चार धाम यात्रा पर मौसम की मार जारी है. यमुनोत्री धाम जाने वाले हाईवे की सेफ्टी वॉल धंसने से 10 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं.
उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ रहा है. वहीं चारधाम यात्रा पर मौसम की मार भी जारी है. इसी बीच यमुनोत्री धाम के लिए जाने वाले हाईवे की सेफ्टी वॉल धंस गई है. इसके करीब 10 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये सभी श्रद्धालु अलग-अलग जगह पर फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि यह मार्ग खुलने में करीब 3 दिन लग सकते हैं.
जानकारी के मुताबिक हाईवे की सेफ्टी वॉल धंसने की वजह से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है. इसके चलते गाड़ियों का आवागमन बाधित हो गया है. हालांकि प्रशासन छोटी गाड़ियों से यात्रियों को निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है.
उत्तराखंड में मौसम की मार जारी है. इसका असर चारधाम यात्रा पर भी हो रहा है. मूसलाधार बारिश और जगह-जगह भूस्खलन के चलते यात्रा को रोक दिया गया था. वहीं चमोली में मूसलाधार बारिश के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान चट्टी से बद्रीनाथ के बीच, लामबगड़ में खचड़ा नाले में पानी बढ़ने और बलदूड़ा में भूस्खलन के चलते यात्रा रोकी गई थी. यात्रियों को पाण्डुकेश्वर, बद्रीनाथ जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली और गौचर मे रोका गया था.
बता दें कि चारधाम यात्रा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की वजह से यात्रा का स्लॉट फुल हो चुका है. इसको लेकर अब रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिए गए हैं. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तीर्थयात्री चक्कर काट रहे हैं. तमाम लोग अपना सामान लेकर काउंटरों पर बैठे हैं, मगर उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








