
घुसपैठ, हमला और 72 घंटे की मशक्कत... सैफ के 'असली' हमलावर के पकड़े जाने की पूरी कहानी
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मुंबई पुलिस के एडिशनल कमिश्नर परमजीत सिंह दाहिया का साफ कहना है कि सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने ना सिर्फ बिल्कुल सही आरोपी को गिरफ्तार किया है, बल्कि मुंबई पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ एक नहीं, कई सबूत हैं.
Bollywood Actor Saif Ali Khan Attack: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हमला करने वाला शरीफुल ही असली आरोपी है. इस दावे को पुख्ता करने के लिए मुंबई पुलिस कई सबूत जुटा चुकी है. क्योंकि शरीफुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद जब उसकी तस्वीर सामने आई थी, तो लोग सवाल उठा रहे थे. लेकिन मुंबई पुलिस ने 16 जनवरी की रात सैफ के घर में घुसकर हमला करने वाले को पकड़ा ही नहीं, बल्कि उसके खिलाफ अहम सबूत भी जमा किए हैं. और इस मामले की पूरी कहानी के तार भी जोड़ लिए हैं, जो बेहद हैरान करने वाली है.
मुंबई पुलिस के एडिशनल कमिश्नर परमजीत सिंह दाहिया ने बताया कि सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने ना सिर्फ बिल्कुल सही आरोपी को गिरफ्तार किया है, बल्कि मुंबई पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ एक नहीं, कई सबूत हैं. असल में इस मामले में सही आरोपी के गिरफ्तार होने को लेकर शुरू से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं. इन हालात में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जब मुंबई पुलिस का पत्रकारों से पहली बार एक प्रेस कांफ्रेंस में आमना-सामना हुआ, तो ये सवाल तो बनता ही था.
एडिशनल सीपी के इस जवाब पर मुंबई के पत्रकारों ने पलट कर फिर सवाल पूछा कि फिर फेस रिकॉग्निशन की बात क्यों की जा रही है, सवाल इसी को लेकर उठ रहे हैं. क्या उसकी गिरफ्तारी को लेकर कोई शक है. तो दाहिया साहब का कहना था कि पुलिस जब किसी भी मामले की जांच करती है, तो आरोपी के खिलाफ एक नहीं, कई सबूत इकट्ठे करती है, और फेस रिकॉग्निशन कराना उसी की एक कड़ी है. इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि पुलिस को आरोपी के सही या गलत होने को लेकर कोई शक है.
वैसे मुंबई पुलिस के इस दावे के बाद अब आरोपी की वो फेस रिकॉग्निशन रिपोर्ट भी सामने आ गई है, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. और पुलिस सूत्रों की मानें तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि पुलिस की गिरफ्त में मौजूद शरीफुल इस्लाम ही वो आदमी है, जो सैफ पर हमले के लिए जिम्मेदार है.
पहले सीसीटीवी में दिखाई दे रहे शख्स और गिरफ्तार शख्स की तस्वीरों के हवाले से ये बताने की कोशिश हो रही थी पुलिस ने जिसे गिरफ्तार किया है, वो हमले के लिए पहुंचे शख्स से मेल नहीं खाता है. यानी वो सही आरोपी नहीं है. बाद में आरोपी का फिंगर प्रिंट मौके से रिकवर किए गए फिंगर प्रिंट से ना मिलने की खबरें भी सामने आईं. तो एडिशनल कमिश्नर ने फिंगर प्रिंट के मसले पर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जिस फिंगर प्रिंट रिपोर्ट की बात कही जा रही है, वो मुंबई पुलिस को मिली ही नहीं है.
एडिशनल कमिश्नर दाहिया ने ज़ोर देकर कहा कि सैफ अली खान के घर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने अब तक की जो तफ्तीश की है, वो क्लू बेस्ड इनवेस्टिगेशन का एक बेहतरीन नमूना है, एक ऐसी तफ्तीश है जिसमें मुंबई पुलिस के पास एक नहीं, बल्कि आरोपी के खिलाफ अनेकों सबूत हैं. जिसे वो कोर्ट में साबित करके दिखाएंगे.

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