
घुसपैठ पर लगाम के लिए आ सकता है नया कानून, अवैध प्रवासियों ही नहीं, एयरलाइंस पर भी सख्ती?
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अवैध प्रवासियों को लेकर अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है. हाल में भारत समेत कई देशों के घुसपैठियों को उसने बाहर का रास्ता दिखाया. ब्रिटेन भी इसी राह पर है. इस बीच हमारे यहां भी इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल आ सकता है. इसमें अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के लिए ज्यादा कड़ी सजाएं होंगी.
फिलहाल बहुत से देश घुसपैठ के मारे लगते हैं. उन्होंने मानवीय संकट से जूझते देशों के लोगों को शरण देते हुए अपने यहां ही संकट खड़ा कर लिया. रिसोर्सेज के बंटवारे पर उनकी अपनी जनता नाराज रहने लगी. इस बीच बहुत से लोग सीमा पार करके चुपचाप भी शरण देने वाले देशों में घुसने लगे. अब कई देश घुसपैठियों को बाहर कर रहे हैं. भारत में भी बीते कुछ सालों से रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध इमिग्रेंट्स का जिक्र आता रहा. केंद्र उनपर सख्ती के लिए नया कानून ला सकता है.
सेंटर विदेशी नागरिकों की एंट्री पर नजर रखने और उसपर काबू पाने के लिए एक नया विधेयक पेश कर सकता है. इस बिल में बिना वैध पहचान या वीजा के, देश के भीतर पहुंचने वाले फॉरेनर्स पर सख्त एक्शन लिया जाएगा. अब तक हमारे पास पासपोर्ट एक्ट 1920, रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 हैं. नया विधेयक अगर लागू हो सका, तो ये इन सारे कानूनों का अकेला विकल्प हो सकता है.
क्या-क्या हो सकता है नए बिल में
नया विधेयक केंद्र को यह अधिकार देगा कि वह तय कर सके कि देश आने और यहां से जाने के लिए पासपोर्ट या दूसरे ट्रैवल दस्तावेज जरूरी होंगे या नहीं. साथ ही इसके जरिए विदेशियों की भारत यात्रा पर नजर रखना आसान होगा. इसके लिए केवल एयरपोर्ट या ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों की ही नहीं, बल्कि दूसरी तरह से भी ट्रैकिंग होगी.
इस तरह होगा जिम्मेदारी का बंटवारा

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