
घर के पास रेंगता मिला काला कोबरा, लोग पास आए तो फन फैलाकर खड़ा हुआ, फिर..
AajTak
इटावा की फ्रेंड्स कॉलोनी थानाक्षेत्र के गोकुलधाम सोसायटी में कोबरा देखा गया. जिसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया. टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसका रेस्क्यू किया फिर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया.
इटावा की फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित गोकुलधाम सोसायटी में कोबरा सांप देखे जाने से हड़कंप मच गया. रात करीब 8 बजे अनिल कुमार नामक शख्स के घर के बाहर काले रंग का कोबरा फन फैलाए बैठा दिखा तो लोगों ने तुरंत रेस्क्यू टीम को फोन करके सूचित किया. टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद उसे रेस्क्यू किया. फिर सांप को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया.
गोकुलधाम सोसायटी के अनिल कुमार ने बताया कि वह रात को 8 बजे छत पर टहल रहे थे. तभी उनकी नजर सांप पर पड़ी, जो बड़ी ही तेजी से रेंगते हुए आया और उनके घर के गेट के पास रुक गया. सांप दिखने की खबर पूरी सोसायटी में फैल गई. लोग वहां इकट्टा हुए तो सांप फन फैलाने लगा. लोग इससे दहशत में आ गए.
स्पेक्टेकल प्रजाति का कोबरा लोगों ने तुरंत रेस्क्यू टीम को फोन किया. पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी टीम के साथ सांप का रेस्क्यू करने पहुंचे. उन्होंने काफी मशक्कत के बाद इस कोबरा को काबू में किया. उन्होंने बताया कि उन्हें रात 8:30 बजे सांप मिलने की सूचना मिली थी. यह सांप स्पेक्टेकल कोबरा (इंडियन कोबरा) है, जो कि बहुत ही जहरीला होता है. इसके काटने से 30 मिनट के अंदर किसी भी व्यक्ति की मौत हो सकती है.''
'बरसात में लोग रहें ज्यादा सावधान' आशीष त्रिपाठी ने बताया कि बरसात के मौसम में अक्सर सांप बिलों से बाहर आ जाते हैं. इस मौसम में लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. लोगों को नंगे पांव बाहर नहीं निकलना चाहिए. जैसे ही कोई सांप दिखे तो तुरंत रेस्क्यू टीम को बताएं. क्योंकि कई सांप काफी जहरीले होते हैं जिनके डसते ही किसी की भी तुरंत मौत हो सकती है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










