
ग्रेटर नोएडा: 6 माह की बच्ची ने कोरोना को दी मात, परिवार की सांस में आई सांस
AajTak
कुछ दिन पहले ग्रेटर नोएडा की गौर सिटी में रहने वाले अर्जुन गुप्ता कोरोना का शिकार हो गए थे, अर्जुन के साथ-साथ उनकी 6 महीने की मासूम बेटी भी कोरोना का शिकार हो गई थी.
कोरोना से पूरा देश परेशान है, क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या जवान, हर जगह कोरोनावायरस का प्रकोप नजर आ रहा है. कहीं 90 साल के बुजुर्गों ने कमाल दिया तो कहीं 6 महीने की मासूम ने अपनी खूबसूरत मुस्कुराहट बिखेरकर कोरोना को हरा दिया. ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी में रहने वाले एक परिवार की 6 माह की बच्ची ने कोरोना को हरा दिया है. कुछ दिन पहले गौर सिटी में रहने वाले अर्जुन गुप्ता कोरोना का शिकार हो गए थे, अर्जुन के साथ-साथ उनकी 6 महीने की मासूम बेटी की बीवी भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई थी. लेकिन अपनी देखरेख और समझदारी से दोनों ने कोरोना को मात दे दी है, अब पूरा घर इस बात से खुश है कि दोनों ने कोरोना को हरा दिया है. अर्जुन गुप्ता ने बताया कि उनकी 6 महीने की बेटी सिया गुप्ता कोरोना का शिकार हो गई थी. परिवार में और भी काफी लोगों को कोरोना के लक्षण और समस्याएं थीं.
आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.










