
ग्राउंड में विराट कोहली को पकड़ने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वेन जॉनसन 10 हजार डॉलर इनाम देगा खालिस्तानी आतंकवादी संगठन
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प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी समूह एसएफजे के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. उसने क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल में विराट कोहली तक पहुंचने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वेन जॉनसन को 10 हजार डॉलर इनाम देने का घोषणा की है. एक वीडियो में पन्नू ने भारत के खिलाफ जहर भी उगला है और खालिस्तान का समर्थन किया है.
अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल में सुरक्षा चूक का मामला गरमा गया है. देर शाम चांदखेड़ा पुलिस स्टेशन में आरोपी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. ये युवक विराट कोहली तक पहुंच गया था. उसकी टीशर्ट पर 'फ्री फिलिस्तीन' लिखा था. अब इस मामले में प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस की एंट्री हुई है.
बता दें कि विश्व कप के फाइनल के दौरान सिक्योरिटी में एक बड़ी चूक देखने को मिली थी. एक फिलिस्तीन समर्थक अचानक मैदान के अंदर घुस आया और उसने विराट कोहली के पास जाकर उन्हें पीछे से पकड़ लिया. इस युवक का नाम वेन जॉनसन बताया गया और ये ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है. जॉनसन 'फ्री फिलिस्तीन' टी-शर्ट पहनकर ग्राउंड में पहुंचा था. उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जॉनसन का कहना था कि मैं ऑस्ट्रेलिया से हूं. मैं विराट कोहली से मिलने के लिए ग्राउंड में पहुंचा था. यह विरोध फिलिस्तीन में युद्ध को लेकर है.
'जॉनसन को 10 हजार का इनाम देंगे'
एसएफजे के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वेन जॉनसन को 10 हजार डॉलर इनाम देने का घोषणा की है. एक वीडियो में पन्नू ने भारत के खिलाफ जहर भी उगला है और खालिस्तान का समर्थन किया है. उसने कहा कि जॉनसन ने ग्राउंड पर पहुंचकर गाजा और फिलिस्तीन को लेकर भारत के रुख के बारे में एक्सपोज कर दिया है. इसके लिए SJI जॉनसन को 10 हजार डॉलर का रिवॉर्ड देने की घोषणा करता है. जॉनसन के साथ हम खड़े हैं. उसने खालिस्तान और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे भी लगाए.
'पन्नू ने फाइनल मैच से पहले जारी किया था वीडियो'
इससे पहले एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अहमदाबाद में विश्व कप फाइनल को 'बंद' करने की धमकी दी थी. उसने फाइनल मैच को बाधित करने को लेकर एक धमकी भरा वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में पन्नू ने 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के बारे में जिक्र किया और मुस्लिम और ईसाई समुदायों को भड़काने का भी प्रयास किया. इजरायल-हमास युद्ध पर भारत के रुख के बारे में बात करते हुए भी सुना जा सकता है.













