
गोदाम में अवैध तरीके से स्टॉक कर रखा था 11,000 किलो गन पाउडर... गोवा विस्फोट कांड में बड़ा खुलासा
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दक्षिण गोवा में स्थित एक गोदाम में हुए भीषण विस्फोट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, इस गोदाम में बिना अनुमति के 11,000 किलोग्राम गन पाउडर अवैध रूप से स्टॉक किया गया था. बीते गुरुवार 20 मार्च की रात हुए धमाके से लगभग 14.5 टन गन पाउडर जला. इससे आसपास के घरों में दरारें आ गईं. कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
गोवा के दक्षिणी जिले में स्थित एक गोदाम में हुए ब्लास्ट की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस ने बताया कि इस गोदाम में बिना अनुमति के 11,000 किलोग्राम गन पाउडर (Gunpowder) अवैध रूप से स्टॉक कर रखा गया था. यह गोदाम 'ह्यूजेस प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी का था, जो छोटी कैलिबर की गोला-बारूद बनाने का काम करती है.
एजेंसी के अनुसार, पिछले सप्ताह गुरुवार 20 मार्च की रात लगभग 10:30 बजे इस गोदाम में आग लगने के कारण भीषण विस्फोट हुआ था. इस विस्फोट में लगभग 14.5 टन गन पाउडर जला. हालांकि, इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों में दरारें आ गईं. दक्षिण गोवा के नक्वेरी-बेतुल गांव में स्थित इस गोदाम के अलावा कंपनी का एक निर्माण संयंत्र वेरना औद्योगिक क्षेत्र में भी है.
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इस घटना की जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी ने बिना लाइसेंस के 11,000 किलोग्राम गन पाउडर एक मैगजीन (विशेष स्टोरेज यूनिट) में जमा किया था. इसके लिए कंपनी ने केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत 'पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन' (PESO) से अनुमति नहीं ली थी. घटना के बाद PESO ने कंपनी के गोदाम में गन पाउडर स्टॉक करने के लाइसेंस को निलंबित कर दिया है.
क्यूपेम शहर में तैनात दक्षिण गोवा के डिप्टी कलेक्टर ने कंपनी के प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने विस्फोटकों के परिवहन और भंडारण से जुड़े सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा हुआ.
कुनकोलीम पुलिस द्वारा की जा रही जांच में कंपनी के प्रबंधन पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं में मानव जीवन को खतरे में डालने, व्यक्तिगत सुरक्षा से खिलवाड़ करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.

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