
गूगल Willow चिप को क्यों कहा जा रहा 'सुपरब्रेन'? चुटकियों में सुलझाएगा अरबों साल की पहेली
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What is Google Willow: गूगल ने सोमवार को अपना क्वांटम चिप विलो (Willow) पेश कर दिया है. इस चिप को क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. गूगल का दावा है कि ये चिप मुश्किल से मुश्किल टास्क को कुछ ही वक्त में हल कर सकता है. इसकी मदद से पैरेलल यूनिवर्स, AI, फ्यूजन एनर्जी और दूसरे सेक्टर में हमें बहुत मदद मिलेगी.
Google के नए प्रोडक्ट Willow की चर्चा हर तरफ हो रही है. एलॉन मस्क भी इसे लेकर गूगल CEO सुंदर पिचाई से बातचीत कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि Google ने ऐसा क्या बना लिया है, जिसे लेकर हर कोई इतना रोमांचित है. हम बात कर रहे हैं गूगल Willow चिप की, जिसे कंपनी ने इस हफ्ते ही इंट्रोड्यूस किया है.
ये एक क्वांटम चिप है, जो मुश्किल से मुश्किल टास्क को कुछ ही मिनटों में कर सकता है. इस चिप की वजह से पैरेलल यूनिवर्स और मल्टीवर्स जैसे कॉन्सेप्ट पर भी चर्चा होने लगी है. माना जा रहा है कि भविष्य में ये चिप बहुत कुछ बदल सकता है.
गूगल विलो कंपनी का क्वांटम चिप है, जिसे नेक्स्ट जनरेशन चिप भी कहा जा रहा है. इस चिप को Saint Barbara स्थित कंपनी की क्वांटम लैब में तैयार किया गया है. ये चिप मुश्किल से मुश्किल मैथमेटिकल प्रॉब्लम्स को कुछ ही मिनटों में सॉल्व कर सकता है. ऐसे टास्क जिन्हें हल करने में आज से सुपर कंप्यूटर्स को ब्रह्मांड की उम्र से भी ज्यादा वक्त लगेगा, उन्हें ये चिप सिर्फ 5 मिनट में हल कर सकता है.
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इस चिप को इंट्रोड्यूस करते हुए गूगल CEO सुंदर पिचाई ने लिखा, 'ये विलो है, हमारा नया क्वांटम कम्प्यूटिंग चिप. इस चिप में हमने ज्यादा क्यूबिट्स का इस्तेमाल किया है, जिसकी वजह से गलतियों को कम किया जा सकेगा. ये क्वांटम फिल्ड की 30 साल की एक प्रॉब्लम को दूर करता है.'
इस चिप का इस्तेमाल क्वांटम कम्प्यूटिंग में होगा. गूगल ने बताया, 'आज के सबसे पावरफुल सुपर कंप्यूटर्स जिस काम को 10 सेप्टिलियन (10 के पीछे 25 जीरो लगाने पर जो नंबर आएगा) साल में करेंगे, उसे Willow सिर्फ 5 मिनट में कर सकता है.' 10 सेप्टिलियन इतनी बड़ी संख्या है कि एक ब्रह्मांड की उम्र इससे छोटी है.

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