
'गुपकार गठबंधन एक साथ लड़ेगा जम्मू-कश्मीर का चुनाव', फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का दावा
AajTak
जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे. तब पीडीपी (28) और बीजेपी (25) ने मिलकर सरकार बनाई थी. हालांकि, ये गठबंधन ज्यादा नहीं चला और जून 2018 में बीजेपी ने अपना समर्थन वापस ले लिया. बीजेपी के समर्थन वापस लेते ही सरकार गिर गई और बाद में विधानसभा को भंग कर राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया.
पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (Peoples Alliance for Gupkar Declaration) के प्रमुख घटक नेशनल कांफ्रेंस (Jammu & Kashmir National Conference) और पीडीपी ने सोमवार को कहा कि समूह संयुक्त रूप से जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ेगा. नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम एक साथ चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल है जिसने कहा कि उन्होंने गठबंधन छोड़ दिया है, लेकिन सच्चाई यह है कि वे कभी गठबंधन का हिस्सा नहीं थे. वे हमें भीतर से तोड़ने आए थे. वहीं एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार जब चाहे चुनाव करा सकती है.
इसके अलावा पीडीपी (Jammu and Kashmir Peoples Democratic Party) अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा कि हम एक साथ चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं क्योंकि यह लोगों की इच्छा है कि हमें अपनी खोई हुई गरिमा की बहाली के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए. क्लिक करें: सीटें बढ़ीं, इलाके बदले, घाटी-जम्मू का समीकरण बदला, कश्मीरी पंडितों को आरक्षण, 10 बड़े बदलाव
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बाढ़ आई थी तब तो चुनाव हुए थे. तो अब क्यों नहीं हो सकते? सवाल यह है कि वे चुनाव कैसे लड़ना चाहते हैं. वहीं अमरनाथ यात्रा को लेकर एक पूछे गए एक सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने वर्षों से तीर्थयात्रा के सुचारू संचालन को पूरे दिल से सुनिश्चित किया है. उन्होंने आगे कहा कि गुफा की खोज करने वाला व्यक्ति कौन था? वह पहलगाम का रहने वाला मुसलमान था.
बता दें कि चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारियों को तेज कर दिया है. आयोग ने जम्मू और कश्मीर में परिसीमन अभ्यास के बाद मतदाता सूची में संशोधन शुरू किया है. चुनाव आयोग 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर की अंतिम वोटर लिस्ट शेयर करेगा, जो विधानसभा सीटों की सीमाओं के बाद केंद्र शासित प्रदेश की पहली वोटर लिस्ट है.
चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन से पहले विभिन्न गतिविधियों को पूरा करने की समयसीमा दी है.

हैदराबाद के अमीरपेट इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी आग से इलाके में भय फैल गया. यह आग मैत्रीवनम के नीलगिरी ब्लॉक भवन की चौथी मंजिल पर लगी थी, जहां छात्रों को पढ़ाया जाता था. तत्काल आग बुझाने वाली टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित किया और छात्रों तथा लोगों को सुरक्षित निकाला. घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जिससे आसपास के लोग चिंतित हो गए।.

राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे हाई-प्रोफाइल 'एआई इम्पैक्ट समिट' (AI Impact Summit) के दौरान आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर के भीतर प्रवेश कर लिया. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आक्रामक नारेबाजी की और

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में वन तस्करी की शिकायत पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर फायरिंग का मामला सामने आया है. जब टीम जंगल में छापेमारी कर रही थी, तभी आरोपी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना से वन विभाग के अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. मौके पर मौजूद लाइव कैमरों ने पूरी मुठभेड़ रिकॉर्ड कर ली, जिसमें आरोपी का हमला स्पष्ट दिख रहा है.

यादव जी लव स्टोरी फिल्म 27 फरवरी को रिलीज़ होने वाली है. यादव समाज ने साफ चेतावनी दी है कि वे इस फिल्म को किसी भी सिनेमाघर में रिलीज नहीं होने देंगे. इस मामले में संभल में FIR भी दर्ज कराई गई है, जिसमें फिल्म के निर्माता, निर्देशक, तथा मुख्य कलाकारों के नाम भी शामिल हैं. इस विवाद ने फिल्म की रिलीज़ पर सवाल खड़ा कर दिया है. इसमें ऐसा क्या हैं, जो शहर-शहर मचा हुआ है बवाल, देखें.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ गया है. अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने योगी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया और हिंदू विरोधी प्रवृत्ति दिखाई है. उन्होंने यह आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया और इसे तीखे तेवर के साथ प्रस्तुत किया.

हाल में पाकिस्तानी के खिलाड़ियों का एक वीडियो वायरल हुआ , जहां वो कह रहे थे कि उनको ऑस्ट्रेलिया में बर्तन धोने पड़े. इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन इस मामले में पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों को वीडियो क्यों डिलीट करना पड़ा, इसकी वजह सामने आ गई है.







