
गुजरात: सूरत नगर निगम ने यातायात में बाधा बन रहे दरगाह और मंदिर ढहाए
The Wire
सूरत नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मंदिर और दरगाह दोनों अवैध ढांचे थे और इसलिए इन्हें ढहाए जाने से पहले कोई नोटिस नहीं जारी किया गया था.
नई दिल्ली: दिवाली से पहले गुजरात के सूरत नगर निगम ने शुक्रवार आधी रात को रिंग रोड पर सहारा दरवाजा इलाके में स्थित एक दरगाह और एक मंदिर को यातायात में बाधा बताते हुए ध्वस्त कर दिया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सहारा दरवाजा स्थित बीबी उस्मानी और हाजी यूसुफ की दरगाह तथा मां काली मंदिर को तोड़ने से पहले कांग्रेस नेता असलम साइकिलवाला के साथ-साथ दोनों पूजा स्थलों के पुजारियों और देख-रेख करने वालों को हिरासत में लिया, जिन्होंने विध्वंस पर आपत्ति जताई थी, हालांकि शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया.

कैम्पेन अगेंस्ट स्टेट रिप्रेशन (सीएएसआर) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में दो मज़दूर अधिकार कार्यकर्ताओं, दो विस्थापन-विरोधी कार्यकर्ताओं और छह छात्रों को 'अधिकारियों' ने उठा लिया है और उनका अब तक कोई पता नहीं है. संगठन ने उनके ठिकाने की जानकारी, सुरक्षा की गारंटी और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है.

महाराष्ट्र में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बीपीसीएल और एचपीसीएल से स्वयं सहायता समूहों और केंद्रीय रसोईघरों के लिए सिलेंडरों की प्राथमिक आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि छात्रों के भोजन पर असर न पड़े.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.








