
गुजरात: जिंदगी की जंग हार गई आरोही, 17 घंटे बोरवेल में फंसी रही डेढ़ साल की बच्ची ने तोड़ा दम
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गुजरात के अमरेली में 17 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बाद भी बोरवेल में गिरी मासूम बच्ची आरोही को नहीं बचाया जा सका. जब बच्ची को बाहर निकाला गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम उसे जीवित नहीं निकाल पाई. इससे पहले रीवा में भी ऐसी ही घटना हुई थी.
गुजरात के अमरेली में बोरवेल में गिरी बच्ची जिंदगी की जंग हार गई. एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी आरोही नाम की इस बच्ची को बचाया नहीं जा सका. उसकी उम्र महज डेढ़ साल थी और वो अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी.
घटना अमरेली के सुरगपूरा गांव की है जहां आरोही बोरवेल में गिर गई थी. एनडीआरएफ और अमरेली अग्निशमन विभाग ने 17 घंटे तक आरोही को बोरवेल से बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो सके. आरोही को जब बाहर निकाला गया तो उसकी मौत हो गई थी. आरोही को बोरवेल से जिंदा निकालने के लिए 17 घंटे तक ऑपरेशन चलाया गया था. जब आरोही को बोरवेल से बाहर निकालने के बाद उसकी जांच की गई तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आरोही को मृत घोषित कर दिया.
इसके बाद आरोही के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. आरोही की मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है. बता दें कि इससे पहले बीते अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश के रीवा में भी एक बच्चे के बोरवेल में गिरने की घटना सामने आई थी और उस बच्चे की भी मौत हो गई थी.
40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी 6 साल के मासूम मयंक को बचाया नहीं जा सका था और जब उसे बाहर निकाला गया उसकी मौत हो गई थी. खेत में बने बोरवेल में गिरे छह साल के बच्चे को कई एजेंसियों की अथक कोशिशों के बाद भी जीवित नहीं निकाला जा सका था. वो 40 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हुआ था.

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