
गुजरात के मेडिकल कॉलेजों की फीस 80 प्रतिशत बढ़ी! पेरेंट्स एसोसिएशन ने सीएम को लिखा पत्र
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गुजरात के कई मेडिकल कॉलेजों की फीस 80 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है. महंगी फीस को लेकर अभिभावक और पेरेंट्स एसोसिएशन काफी नाराज हैं. गुजरात डोमिसाइल पेरेंट्स एसोसिएशन और गुजरात मेडिकल एसोसिएशन ने सीएम भूपेन्द्र पटेल को पत्र लिखकर फ़ीस में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लेने की अपील की है.
गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी के तहत आने वाले गुजरात के 13 मेडिकल कॉलेज की फीस में 80 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हुई है. गुजरात सरकार ने सरकारी कोटा की सीट, जिसकी फीस 3.30 लाख रुपये थी उसे बढ़ाकर 5.50 लाख रुपये कर दिया है. जबकि मैनेजमेंट कोटा की सीट की फीस को 9.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 17 लाख रुपये करने का ऐलान किया है. NRI कोटा की फीस को 22,000 डॉलर से बढ़ाकर 25,000 डॉलर करने का फैसला किया है. फ़ीस में की गई यह बढ़ोत्तरी इसी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी.
GMERS तहत आने वाली MBBS की सरकारी कोटा की सीट की फ़ीस में की जाने वाली भारी बढ़ोत्तरी से पैरेंट्स एसोसिएशन आक्रोशित है. फीस बढ़ाने के इस फैसले को लेकर अभिभावक और पेरेंट्स एसोसिएशन सोसाइटी से काफी नाराज हैं. उनकी मांग है कि इस फीस को कम किया जाए ताकि मिडिल या लोअर मिडिल क्लास के छात्र भी अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर पाएं.
गुजरात के मेडिकल कॉलेजों में इतनी सीटें
गुजरात में GMERS के तहत अहमदाबाद, गांधीनगर, वड़ोदरा, हिम्मतनगर, पाटन, गोधरा, वलसाड, नवसारी, जूनागढ़ समेत कुल 13 मेडिकल कॉलेज हैं. जिनकी फ़ीस 80 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया गया है. इन कॉलेज के स्टेट कोटा में 1500, ऑल इंडिया कोटा में 75, मैनेजमेंट कोटा में 210 और NRI कोटा में 315 सीट उपलब्ध हैं.
पिछले साल विरोध के चलते वापस लिया था फैसला
बता दें कि GMERS तहत 13 मेडिकल कॉलेज में फ़ीस बढ़ोत्तरी का निर्णय सरकार ने पिछले साल भी लिया था, लेकिन उस वक्त पेरेंट्स एसोसिएशन के विरोध के चलते सरकार ने अपना फैसला वापिस लिया था. अब इस बार MBBS के एडमिशन से पहले ही GMERS कॉलेज की फ़ीस बढ़ दी गई है. पेरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि, सरकार के इस फैसले से ग़रीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने की उम्मीद खत्म हो जा रही है. जिनके पास 1 करोड़ रुपये हैं वही मैनेजमेंट कोटा में पढ़ाई कर सकेंगे.

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