
गुजरात की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान तौकते, 150 की स्पीड चलेंगी हवाएं
Zee News
इसको लेकर मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं महाराष्ट्र, केरल और गुजरात के साहिली इलाकों पर तीन दिन तक तूफान का असर रहने की उम्मीद है.
नई दिल्ली: अरब सागर में बन रहे चक्रवाती तूफान 'तौकते' ने जल्द भयानक शक्ल इख्तियार कर सकता है और गुजरात के साहिली इलाकों की तरफ बढ़ रहा है. इसी के साथ दमन और दीव और दादरा व नगर हवेली की तरफ भी आगे बढ़ रहा है. इस तूफान को लेकर पांच राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाई लेवल मीटिंग की थी. The CS Tauktae lay centred at 2330 IST of 15th May over Arabian Sea about 170 km southwest of Panjim-Goa, 520 km south of Mumbai. It is very likely to intensify into a VSCS, cross Gujarat coast between Porbandar & Mahuva (Bhavnagar district) around 18th May early morning. इसकी वजह से कर्नाटक में आज सुबह एक शख्स की मौत और 6 लोगों के लापता होने की खबर आई है. इस बीच एजेंसियों ने दो लोगों को बचाया है वहीं मैंगलुरू के पास बने हालात पर नजर रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि तौकते जिस वक्त खतरनाक शक्ल इख्तियार करेगा उस समय करीब 150 किलोमीटर फी घंटा या फिर इससे भी तेज रफ्तार से हवाएं चलेंगी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










