
गलत अकाउंट में ट्रांसफर हुए 1.59 करोड़ बरामद, टाइपिंग मिस्टेक से हुई थी इतनी बड़ी गड़बड़
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मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) आयुक्तालय की साइबर पुलिस ने आरटीजीएस लेनदेन के दौरान एक प्राइवेट डिजिटल सॉल्युशन फर्म द्वारा अनजाने बैंक खाते में गलती ट्रांसफर किए गए 1.59 करोड़ रुपये को सफलतापूर्वक बरामद किया है.
महाराष्ट्र में मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) आयुक्तालय की साइबर पुलिस ने आरटीजीएस लेनदेन के दौरान एक प्राइवेट डिजिटल सॉल्युशन फर्म द्वारा अनजाने बैंक खाते में गलती ट्रांसफर किए गए 1.59 करोड़ रुपये को सफलतापूर्वक बरामद किया है. कंपनी एक ट्रांजेक्शन कर रही थी, टाइपिंग मिस्टेक के कारण दिसंबर 2024 में 1,59,01,550 रुपये गलत खाते में जमा हो गए.
एमबीवीवी साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया,'गलती का एहसास होने पर, उन्होंने शुरू में फंड वापस लेने के लिए अपने बैंक से संपर्क किया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला. इसके बाद, उन्होंने एनसीसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कराई.'
अधिकारी ने आगे कहा कि एनसीसीआरपी पोर्टल पर समय पर शिकायत दर्ज करना महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि इससे साइबर पुलिस को ट्रांसफर्ड अमाउंट को निकालने या ट्रांसफर करने से पहले तत्काल रोक लगाने की अनुमति मिली.
उन्होंने कहा, 'शिकायत मिलने के बाद, हमने संबंधित बैंक से संपर्क किया और गलती से खाते में जमा की गई राशि पर रोक लगाने के लिए फॉर्मल पत्राचार किया. हमने सक्षम न्यायालय से भी धन की वसूली और उसे सही मालिक को वापस ट्रांसफर करने की अनुमति मांगी और हमें यह अनुमति मिल गई.'

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