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खेल बदला, खिलाड़ी बदले, पर कप्तान नहीं... कैसा रहा नीतीश कुमार का सियासी सफर?
Zee News
Nitish Kumar History: नीतीश कुमार की बिजली विभाग में सरकारी नौकरी लगी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया और सियासत का सफर शुरू किया. इसके बाद नीतीश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
नई दिल्ली: Nitish Kumar History: बीते 15 साल में बिहार की राजनीति में उठा-पटक का दौर कई बार देखा गया. कभी BJP, तो कभी RJD सत्ता में आई. कभी RJD बड़ी पार्टी बनी, तो कभी BJP. लेकिन इतना सब होने के बाद भी एक नाम हमेशा प्रासंगिक रहा, जो न तो सियासत से दूर रहा और न ही मुख्यमंत्री की कुर्सी से. ये नाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है. नीतीश कुमार बिहार के 'किंग' भी हैं और 'किंगमेकर' भी. नीतीश कभी BJP के साथ रहे, तो कभी RJD के साथ. उनकी पार्टी JDU भले सीटें कम लाई हो, लेकिन मुख्यमंत्री वही बने. एक बार फिर पूरे देश की नजरें नीतीश कुमार पर टिकी हुई हैं. दावा है कि वो RJD का साथ छोड़कर BJP के साथ जा रहे हैं. आइए, जानते हैं नीतीश का सियासी सफर...

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








