
खुद को IAS बताकर मकान मालिक की बेटी से करना चाहता था शादी, पुलिस ने किया अरेस्ट
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राजस्थान के भरतपुर में पुलिस ने एक फर्जी आईएएस को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को आईएएस बताकर मकान मालिक की बेटी से शादी करना चाहता था. उसने कुछ रुपये भी ऐंठ लिए थे. इसके अलावा 13 अप्रैल को भरतपुर कलेक्टर ने उसे सम्मानित भी किया था.
राजस्थान के भरतपुर में पुलिस ने एक फर्जी आईएएस को पकड़ा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी शहर में 2 महीने से किराए के मकान में रह रहा था. वह खुद को आईएएस बताकर मकान मालिक की लड़की से शादी करना चाहता था. इस फर्जी आईएएस को कलेक्टर आलोक रंजन भी सम्मानित कर चुके हैं.
जानकारी के मुताबिक, धौलपुर में बाड़ी थाना क्षेत्र के खैमरी का रहने वाला 27 वर्षीय सुरजीत सिंह 2 महीने से भरतपुर कलेक्ट्रेट के सामने मोहल्ले में किराए पर रह रहा था. करीब 15 दिन पहले उसने मकान मालिक से कहा कि उसका आईएएस में सेलेक्शन हो गया है. इसके बाद पूरे मोहल्ले में खुशी मनाई गई.
इसके बाद 13 अप्रैल को आयोजित बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में कलेक्टर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे, उस दौरान फर्जी आईएएस सुरजीत सिंह को कलेक्टर आलोक रंजन ने सम्मानित कर बधाई दी. उस कार्यक्रम में कलेक्टर आलोक रंजन के अलावा यूआईटी सचिव कमल राम मीणा और भरतपुर नगर निगम के मेयर अभिजीत कुमार जाटव भी मौजूद थे, उन्होंने भी सुरजीत को बधाई दी.
शक होने पर मकान मालिक ने दर्ज कराई शिकायत
इसके बाद सुरजीत के मकान मालिक ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि धौलपुर का रहने वाला सुरजीत करीब 2 महीने से मकान में किराए पर रह रहा है. 15 दिन पहले उसने कहा कि मेरा आईएएस परीक्षा में चयन हो गया है, मैं कलेक्टर बन गया हूं. मकान मालिक ने कहा कि सुरजीत आईएएस बनने का झूठा झांसा देकर बेटी से शादी करना चाहता था. वह बेटी के पीछे पड़ गया था.
मकान मालिक ने शिकायत में कहा कि आरोपी शादी का झांसा देकर हमसे करीब 1.75 लाख रुपये भी हड़प लिए. जब मकान मालिक को सुरजीत पर शक हुआ तो सुरजीत के खिलाफ थाने में शिकायत की. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने फर्जी आईएएस को अरेस्ट कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है. सवाल है कि फर्जी आईएएस ने कलेक्टर आलोक रंजन से सम्मानित कैसे हो गया.

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