
खालिस्तान आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में एक्शन में कनाडा पुलिस, कई लोग गिरफ्तार
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कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने यह भी दावा किया कि अधिकारी कनाडा में तीन हत्याओं के संभावित कनेक्शन की सक्रियता से जांच कर रहे हैं, जिसमें एडमॉन्टन में 11 वर्षीय लड़के की घातक गोलीबारी भी शामिल है.
कनाडा पुलिस ने पिछले साल ब्रिटिश कोलंबिया में वांटेड खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े एक कथित हिट स्क्वाड के सदस्यों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के हवाले से ये जानकारी दी है.
क्या है रिपोर्ट में? रिपोर्ट में सूत्रों के मुताबिक सामने आया है कि जांचकर्ताओं ने कुछ महीने पहले कनाडा में संदिग्धों की पहचान की थी और उन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया था. रॉयटर्स ने कहा कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस से इस बारे में तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई थी.
अधिकारी कर रहे हैं जांच कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने यह भी दावा किया कि अधिकारी कनाडा में तीन हत्याओं के संभावित कनेक्शन की सक्रियता से जांच कर रहे हैं, जिसमें एडमॉन्टन में 11 वर्षीय लड़के की घातक गोलीबारी भी शामिल है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हिट स्क्वाड के कथित सदस्यों ने सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में निज्जर की हत्या के दौरान कथित तौर पर शूटर, ड्राइवर और जासूस के रूप में विभिन्न भूमिकाएँ निभाईं.
जस्टिन ट्रूडो ने कई मौकों पर लगाए हैं भारत पर आरोप बता दें कि, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कई मौकों पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने हाल ही में खालसा दिवस के मौके पर टोरंटो के एक कार्यक्रम में शिरकत की थी, जिसमें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई थी.
ऐसे में निज्जर की हत्या को लेकर दिए गए ट्रूडो के ताजा बयान पर भारत ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है. भारत सरकार ने कहा है कि ट्रूडो के बयान ने एक बार फिर दर्शा दिया है कि कनाडा में अलगाववाद, चरमपंथ और हिंसा को पॉलिटिकल स्पेस दिया गया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम ट्रूडो ने पहले भी इसी तरह की टिप्पणी की है. उनके बयानों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि कनाडा में चरमपंथ, कट्टरपंथ और हिंसा को पॉलिटिकल स्पेस दिया गया है. उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ भारत और कनाडा के संबंध प्रभावित होंगे बल्कि इससे कनाडा में हिंसा और अपराध के माहौल को हौसला मिला है.

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