
क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय: कैसे एक महिला 7 दशक से ब्रिटेन पर राज कर रही है?
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कम आयु से लेकर अब इस उम्र तक क्वीन एलिज़ाबेथ ने ब्रिटेन के शाही परिवार की अगुवाई की है. अब करीब 7 दशक हो गए हैं, जब क्वीन एलिजाबेथ शाही परिवार, ब्रिटेन की रियासत को संभाल रही हैं.
भारत पर करीब 200 साल तक राज करने वाले ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय आज अपना 95वां जन्मदिन मना रही हैं. हाल ही में क्वीन एलिजाबेथ के पति प्रिंस फिलिप का निधन हुआ था, ऐसे में इस बार कोई बड़ा जश्न नहीं मनाया जा रहा है. यानी महारानी इस बार सिर्फ परिवार के करीबी लोगों के साथ ही रहेंगी. युवा आयु से लेकर अब इस उम्र तक क्वीन एलिज़ाबेथ ने ब्रिटेन के शाही परिवार की अगुवाई की है. अब करीब 7 दशक हो गए हैं, जब क्वीन एलिजाबेथ शाही परिवार, ब्रिटेन की रियासत को संभाल रही हैं. ऐसे में एक महिला कैसे इतने लंबे वक्त तक तमाम मुश्किलों के बीच भी ब्रिटेन पर राज करती रहीं, क्वीन एलिज़ाबेथ के इसी सफर पर एक नज़र डालिए... क्वीन एलिज़ाबेथ का जन्म... ब्रिटेन में जब किंग जॉर्ज पंचम का राज था, उस काल में 21 अप्रैल 1926 को क्वीन एलिज़ाबेथ का जन्म हुआ. एलिजाबेथ के पिता किंग जॉर्ज छह भी बाद में ब्रिटेन के राजा बने. क्वीन एलिज़ाबेथ का पूरा नाम एलिजाबेथ एलेक्जेंडरा मैरी विंडसर है. क्वीन एलिज़ाबेथ की एक बहन थीं, जिनका नाम प्रिंसेज मार्ग्रेट था. क्वीन एलिजाबेथ ने अपनी पढ़ाई घर में ही पूरी की. उनकी एक बायोग्राफी में लिखा गया है कि बचपन में ही क्वीन एलिजाबेथ का लगाव घोड़ों, डॉग्स में था जो जीवन भर रहा, बाद में वह घोड़ों की रेस पर दांव भी लगाया करती थीं.राजकुमारी जब महारानी बन गई... साल 1947 में जब भारत अपनी आजादी की तैयारियों में जुटा था, उसी वक्त एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप की शादी हुई. ब्रिटेन के शाही परिवार ने बड़े धूमधाम से इस शादी का जश्न मनाया. शादी के कुछ वक्त बाद ही प्रिंस फिलिप, एलिजाबेथ शाही परिवार के लिए अपनी ड्यूटी में लग गए. शादी के करीब पांच साल बाद यानी साल 1952 में प्रिंस फिलिप, प्रिंसेस एलिजाबेथ केन्या के दौरे पर थे. दरअसल, किंग जॉर्ज छह की तबीयत काफी खराब रहती थी और उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा बार-बार टल रहा था. ऐसे में तय हुआ था कि केन्या में छुट्टियां मनाने के बाद एलिजाबेथ और फिलिप ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेंगे. लेकिन केन्या के इसी दौरे पर 6 फरवरी, 1952 को सबकुछ बदल गया. लंबे वक्त से बीमार चल रहे एलिजाबेथ के पिता किंग जॉर्ज का निधन हो गया, एलिजाबेथ क्योंकि केन्या के ग्रामीण इलाके में थीं ऐसे में उनके पास ये संदेश पहुंचने में कुछ देर हुई. लेकिन खबर मिलने के बाद एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप को अपनी छुट्टियां रद्द कर तुरंत वापस ब्रिटेन आना पड़ा. जब ये घटना हुई तब एलिजाबेथ की उम्र सिर्फ 25 साल थी और इसी घड़ी में सबकुछ बदल गया. क्योंकि किंग जॉर्ज छह के निधन के बाद ये साफ हो गया था कि अब ब्रिटेन को नई महारानी मिलने वाली थी. एलिजाबेथ ब्रिटेन से केन्या जब रवाना हुईं तब वह एक राजकुमारी थीं, लेकिन जब वो लौटीं तो एक महारानी के रूप में लौटीं. 6 फरवरी, 1952 को एलिजाबेथ द्वितीय ब्रिटेन की महारानी नियुक्त हुईं, 2 जून 1953 को उनका आधिकारिक रूप से राज्याभिषेक किया गया. 'मैं इसका ऐलान करती हूं कि मेरा जीवन छोटा हो या लंबा हमेशा आपकी सेवा के लिए ही लगा रहेगा''
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