
क्रॉस वोटिंग से 2 सीटों का उलटफेर और राज्यसभा में बहुमत के करीब NDA! समझिए पूरा नंबरगेम
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राज्यसभा की 56 सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद उच्च सदन में बीजेपी के नेतृत्व वाला सत्ताधारी एनडीए उच्च सदन में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े के और करीब पहुंच गया है. नए सदस्यों के आने के बाद उच्च सदन की तस्वीर कैसी होगी?
राज्यसभा की 56 सीटों के लिए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. संख्याबल के लिहाज से किसी को कुछ सीटों का लाभ हुआ है तो किसी को नंबरगेम अपने पक्ष में होने के बावजूद सीटों का नुकसान पड़ा है. इन चुनावों के बाद उच्च सदन का नंबरगेम भी बदल गया है. अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाला सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानि एनडीए बहुमत के और करीब पहुंच गया है. विपक्षी कांग्रेस का संख्याबल उच्च सदन में और कम हो गया है.
बीजेपी को अनुमान से दो अधिक सीटें
राज्यसभा की जिन 56 सीटों के लिए चुनाव हुए, उनमें से 28 सीटें बीजेपी के पास थीं. इन चुनावों में भी अलग-अलग राज्यों में संख्याबल के लिहाज से बीजेपी को 28 सीटें ही मिलती नजर आ रही थीं. लेकिन यूपी से हिमाचल प्रदेश तक हुए खेला से पार्टी को दो सीटों का लाभ हुआ है. 28 सीटें जीतती नजर आ रही बीजेपी जब चुनाव नतीजे आए, 30 सीटें जीत चुकी थी. बीजेपी को यूपी में सात सीटें मिलती नजर आ रही थीं लेकिन पार्टी आठ सीटें जीत गई.
हिमाचल में नंबरगेम विपरीत होते हुए भी पार्टी एक सीट जीतने में सफल रही जहां कांग्रेस का जीतना तय माना जा रहा था. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कांग्रेस के तमाम नेता सूबे की सीट से सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने की वकालत कर रहे थे. हालांकि, कांग्रेस ने सोनिया गांधी को राजस्थान से उच्च सदन में भेजा.
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अब हिमाचल के नतीजे देख कहा यह भी जा रहा है कि सीएम सुक्खू समेत तमाम नेता सोनिया गांधी को इसीलिए सूबे की सीट से उम्मीदवार बनाना चाह रहे थे, क्योंकि उन्हें यह लग रहा था कि उनकी उम्मीदवारी से विधायक एकजुट हो जाएंगे और अगर मतदान का सीन बना भी तो क्रॉस वोटिंग का खतरा कम से कम होगा.

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