
क्या भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती कराने के लिए काम कर रहा है सिंडिकेट? हैदराबाद के अफसान की मौत के बाद उठे सवाल
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भारत से करीब 5 हजार किलोमीटर दूर रूस-यूक्रेन की सीमा पर पिछले 2 साल से जंग चल रही है. इस जंग में अब भारतीय नागरिक भी फंसते नजर आ रहे हैं. यह मुद्दा चर्चा में इसलिए है क्योंकि हाल ही में हैदराबाद के एक शख्स की इस जंग के दौरान मौत हो गई, वह रूस की तरफ से युद्ध मैदान में था.
दो साल बीतने के बाद भी रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब तक जारी है. इन दो देशों के बीच 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई ये जंग कब थमेगी इसके बारे में किसी के पास भी कोई जानकारी नहीं है. ना तो रूस और ना ही यूक्रेन दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. लेकिन, इस विध्वंसक जंग के बीच कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. रूस की तरफ से नेपाल और भारत सहित दूसरे कई देशों के लोग भी जंग लड़ रहे हैं. कुछ पैसों के लालच में अपनी मर्जी से शामिल हो रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों को धोखे से बुलाकर जबरन युद्धक्षेत्र में भेजने की बात भी सामने आ रही है.
हैदराबाद के मोहम्मद असफान की रूस में मौत होने के बाद अब ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत में ऐसा कोई सिंडिकेट काम कर रहा है. जो भारतीयों को बहला-फुसलाकर रूसी सेना में भर्ती करा रहा है, जहां उन्हें युद्धक्षेत्र में यूक्रेन की सेना से लड़ने के लिए फ्रंट लाइन पर भेजा जा रहा है. यह दावा किसी और ने नहीं बल्कि खुद रूस-यूक्रेन जंग में मारे गए हैदराबाद के मोहम्मद असफान के भाई इमरान ने किया है. हैदराबाद में रहने वाले इमरान पेशे से व्यावसायी हैं.
किन लोगों के संपर्क में था अफसान
इमरान ने अपने चौंकाने वाले दावे में बताया,'अफसान 9 नवंबर को 'बाबा व्लॉग' के जरिए रूस गया था. अफसान सहित रूस-यूक्रेन वॉर में हो रही भारतीयों की मौत के लिए एजेंट रमेश, नाजिल, मोइन और खुशप्रीत जिम्मेदार हैं.' चारों के बारे में बताते हुए इमरान ने कहा,'रमेश और नाजिल चेन्नई के रहने वाले हैं, जबकि खुशप्रीत मूल रूप से पंजाब का है और उसके पास रूसी पासपोर्ट है. असफान इन लोगों के ही संपर्क में था. असफान के जाने के बाद में इन लोगों के कॉन्टेक्ट में था. हाल ही में जब मैंने इनसे अफसान के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि अफसान को गोली लगी है, वह घायल है और काफी डरा हुआ है.'
अफसान के भाई ने मीडिया से क्या कहा? Video
मौत की बात सुनकर घबराया भाई

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