
क्या बेंगलुरु में 90 लाख सालाना सैलरी वाकई काफी है? NRI के सवाल पर छिड़ी बहस
AajTak
विदेश से भारत लौटने पर बेंगलुरु में 90 लाख रुपये सालाना सैलरी का ऑफर मिलने के बाद एक एनआरआई प्रोफेशनल के सवाल ने यह बहस छेड़ दी कि क्या इतनी सैलरी वहां अच्छी जिंदगी के लिए काफी है. इस पर कुछ लोगों ने इसे अच्छी सैलरी बताया, जबकि कई यूजर्स ने अनुभव और प्रोफाइल के हिसाब से इसे कम बताया.
विदेश से भारत लौटने की सोच रहे एक एनआरआई प्रोफेशनल का सवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. बेंगलुरु में 90 लाख रुपये सालाना सैलरी का ऑफर मिलने के बाद उन्होंने रेडिट पर लोगों से पूछा कि क्या यह वेतन भारत लौटने के लिए सही माना जा सकता है. इस एक सवाल ने वेतन, जीवन यापन की लागत और करियर से जुड़ी बहस को जन्म दे दिया, जिसमें लोगों की राय साफ तौर पर बंटी हुई नजर आई.
पीएचडी और 12 साल का अनुभव, फिर भी दुविधा यह खबर एक ऐसे एनआरआई प्रोफेशनल से जुड़ी है, जो विदेश से भारत लौटने पर बेंगलुरु में मिलने वाले वेतन को लेकर उलझन में है. उन्होंने रेडिट पर लोगों से राय मांगी, जिसके बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई. दरअसल, केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर चुके और 12 साल का अनुभव रखने वाले इस व्यक्ति को बेंगलुरु की एक मल्टीनेशनल कंपनी ने 90 लाख रुपये सालाना (CTC) का ऑफर दिया है. इस पैकेज में करीब 74 लाख रुपये बेस सैलरी है और बाकी भत्ते शामिल हैं. साइन-ऑन बोनस पर बातचीत अभी चल रही है.
परिवार के लिए भारत वापसी की योजना पोस्ट में उन्होंने बताया कि अभी वह विदेश में वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और उन्हें करीब 1.9 लाख डॉलर सालाना कैश सैलरी मिलती है, साथ ही 2026 में स्टॉक भी मिलने वाले हैं. इन्हीं स्टॉक्स से वह भारत में अपने विला का लोन चुकाने की योजना बना रहे थे. अब वह अपने माता-पिता की देखभाल के लिए भारत लौटना चाहते हैं और कुछ साल यहां रहकर देखना चाहते हैं. हालांकि, इस नौकरी के साथ कुछ शर्तें भी हैं. उन्हें हफ्ते में तीन दिन ऑफिस जाना होगा, नॉर्थ बेंगलुरु में घर किराए पर लेना होगा और अपने चार साल के बच्चे के साथ शिफ्ट होना होगा, जो इस साल स्कूल जाना शुरू करेगा.
ऑफर में सैलरी के साथ कई शर्तें भी उन्होंने साफ लिखा कि कंपनी और पद दोनों उनके करियर के लिए बहुत अहम हैं, लेकिन अगर इस फैसले से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, तो वह इस ऑफर को स्वीकार नहीं करना चाहते. इसी वजह से उन्होंने पहले से भारत लौट चुके एनआरआई लोगों से सलाह मांगी. इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई. कुछ लोगों ने कहा कि 90 लाख रुपये भारत के हिसाब से बहुत अच्छी सैलरी है और ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है. उनका मानना है कि भारत में रहने की लागत कम होती है, इसलिए यह वेतन आरामदायक जिंदगी के लिए काफी है.
‘अच्छी सैलरी’ की परिभाषा पर बहस वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे कम बताया. उनका कहना था कि सीनियर और स्पेशलाइज्ड प्रोफाइल के लिए बेंगलुरु में 1.5 करोड़ से 1.8 करोड़ तक का पैकेज मिलना चाहिए और उन्हें बेहतर ऑफर के लिए बातचीत करनी चाहिए. कुल मिलाकर, यह पोस्ट इस सवाल को उठाती है कि विदेश से लौटने वाले प्रोफेशनल्स के लिए भारत में “अच्छी सैलरी” की परिभाषा क्या है, और यह पूरी तरह व्यक्ति की जरूरतों, खर्चों और प्राथमिकताओं पर निर्भर करती है.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बंदरों से परेशान किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है. गांव के कुछ किसान भालू का वेश पहनकर खेतों में घूम रहे हैं, ताकि बंदर डरकर फसलों से दूर भाग जाएं. इस जुगाड़ का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग हैरानी और मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया की सख्त और रहस्यमयी राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा बार-बार नजर आ रहा है.किम जोंग उन की बेटी किम जू-ए. मिसाइल परीक्षण हो, सैन्य परेड हो या हथियार फैक्ट्री का दौरा, वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दे रही हैं. उनकी लगातार मौजूदगी ने दुनिया भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को देश का अगला नेता बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल सदियों से इंसानों को उलझाता रहा है. धर्म, दर्शन और विज्ञान-सबने अपने-अपने तरीके से इसका जवाब खोजने की कोशिश की है, लेकिन आज भी यह रहस्य पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्केच वायरल हो रहा है, जिसे एक शख्स ने मौत के करीब पहुंचने के अनुभव के बाद बनाया. इस चित्र में उसने ब्रह्मांड और चेतना के संबंध को एक नक्शे की तरह दिखाने की कोशिश की है, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है.

Aaj 16 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 16 मार्च 2026, दिन- सोमवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि सुबह 09.40 बजे तक फिर त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में शाम 18.14 बजे तक फिर कुंभ में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.06 बजे से दोपहर 12.54 बजे तक, राहुकाल- सुबह 8 बजे से सुबह 09.30 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.









