
क्या ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछा दिए बारूदी सुरंग... आने-जाने वाले जहाजों पर बड़ा खतरा
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ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री खदानें बिछाने का खतरा पैदा कर दिया है. अमेरिका ने 16 माइनलेयर जहाजों को नष्ट कर दिया. ट्रंप ने तुरंत हटाने की चेतावनी दी कि खदानें हटाओ वरना सैन्य कार्रवाई होगी. खदानों से तेल टैंकरों और जहाजों पर बड़ा खतरा है. शिपिंग पहले ही युद्ध से प्रभावित है.
क्या ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बारूदी सुरंगें यानी समुद्री खदानें बिछा दी हैं? यह सवाल इन दिनों पूरी दुनिया को चिंता में डाले हुए है. क्योंकि मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के 16 माइनलेयर जहाजों को पूरी तरह नष्ट कर दिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरान ने कोई खदान बिछाई है तो उसे तुरंत हटा ले, वरना भारी सैन्य कार्रवाई होगी.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास अभी कोई पक्की खबर नहीं है कि ईरान ने खदानें बिछाई हैं, लेकिन फिर भी वे तुरंत हटानी चाहिए. इस इलाके से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और LPG गुजरता है. पहले से ही ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से यहां शिपिंग लगभग बंद हो चुकी है. अब खदानों का खतरा और बढ़ गया है.
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आइए जानते हैं समुद्री खदानें क्या होती हैं, माइनलेयर जहाज कैसे काम करते हैं, क्या-क्या हुआ और स्ट्रेट में मौजूद जहाजों को कितना बड़ा खतरा है.
समुद्री खदानें क्या होती हैं और ये कैसे काम करती हैं?
समुद्री खदानें पानी के अंदर छिपे बम होते हैं जो जहाजों को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाए जाते हैं. ये मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.

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