
कौन हैं बीजेपी MP राम शंकर कठेरिया? जिनकी लोकसभा की सदस्यता पर लटकी तलवार
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उत्तर प्रदेश के इटावा से सांसद कठेरिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा) और 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया गया. राम शंकर कठेरिया मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं.
इटावा से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद राम शंकर कठेरिया को आगरा की एमपी एमएलए कोर्ट ने मारपीट के एक मामले में 2 साल जेल की सजा सुनाई है. साथ ही 50000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. इस फैसले के बाद उनकी संसद सदस्यता पर भी तलवार लटक रही है. हालांकि कठेरिया ने अब जिला जज कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी है. उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है अपीलीय अदालत से मुझे न्याय मिलेगा.' कठेरिया ने पूरी घटना को राजनैतिक साजिश बताया.
दअरसल किसी भी अपराध के लिए दो साल या उससे ज्यादा की सजा पाने वाले जन प्रतिनिधि को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत तत्काल अयोग्य घोषित करने का प्रावधान है.उन्हें आईपीसी की धारा 147 (दंगा) और 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत दोषी ठहराया गया है.
फैसला सुनाए जाने के बाद कठेरिया मायूस नजर आए और उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला मंजूर है लेकिन वह आगे अपील भी करेंगे. कठेरिया ने कहा कि राज्य में बसपा सरकार के दौरान, मेरे खिलाफ विभिन्न राजनीति से प्रेरित मामले दर्ज किए गए थे, यह उनमें से एक था.
कठेरिया ने कही ये बात
यह मामला 16 नवंबर, 2011 का है, जब कठेरिया - जो उस समय आगरा के सांसद थे. फैसले में इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया को दोषी करार दिया गया. अदालत के फैसले के बाद सांसद रामशंकर कठेरिया ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने 12 साल पहले हुई घटना की जानकारी दी. सांसद ने बताया कि एक महिला उनके पास रोते हुए आई थी.
महिला बिजली कंपनी के अधिकारियों से परेशान थी, महिला उनके दफ्तर में बैठकर सुसाइड करने की बात कह रही थी. महिला की पीड़ा सुनने के बाद वह अधिकारियों से बातचीत करने पहुंचे थे. बातचीत के दौरान हंगामा हो गया था. टोरेंट पावर के सुरक्षा निरीक्षक समेधी लाल नें हरी पर्वत थाने में तहरीर देकर सांसद कठेरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

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