
कोरोना: हर दिन टूट रहा रिकॉर्ड! 72330 नए केस और 459 मौतें, महाराष्ट्र में हालात सबसे खराब
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कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद 1 अप्रैल को यूपी में एक दिन में 2600 नए केस सामने आए हैं. इनमें से एक तिहाई से ज़्यादा यानी 935 केस अकेले राजधानी लखनऊ में दर्ज हुए. प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी में सौ से ज़्यादा नए केस दर्ज हुए हैं. बुधवार को राज्य में 24 घंटे में 1230 नए केस आए थे और 11 मौतें हुई थीं.
देश भर में 1 अप्रैल गुरुवार से 45 साल से ऊपर की उम्र के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो गई. केंद्र सरकार ने पत्र लिखकर राज्यों से कहा है कि अप्रैल महीने के सभी दिनों में कोरोना टीकाकरण किया जाए और रविवार या गजटेड छुट्टियों के दिन भी टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि अप्रैल में सभी दिन टीकाकरण करवाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं. 31 मार्च को राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद ये कदम उठाया गया है ताकि कोरोना टीकाकरण की गति और बढ़ाई जा सके. 1 अप्रैल की शाम तक देश में कुल 6 करोड़, 75 लाख टीके लगाए जा चुके हैं. टीकाकरण के 76वें दिन गुरुवार को देश भर में 17.47 लाख टीके लगाए गए.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









