
कैश की किल्लत, अब गेहूं के भरोसे चल रही तालिबान की सरकार
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अफगानिस्तान में लोग जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहे हैं. अकाल, कोरोना महामारी और तालिबान राज में अफगानिस्तान की आबादी के एक बड़े हिस्से का मकसद सिर्फ सर्वाइवल है. ये लोग किसी भी तरह बस मौत के आगोश में जाने से बचना चाहते हैं. यही कारण है कि अब अफगानिस्तान में कई लोग पैसों की जगह गेंहू लेकर जिंदगी गुजर बसर कर रहे है.
अफगानिस्तान में लोग जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहे हैं. अकाल, कोरोना महामारी और तालिबान राज में अफगानिस्तान की आबादी के एक बड़े हिस्से का मकसद सिर्फ सर्वाइवल है. तालिबान भी आर्थिक मदद रुक जाने की वजह से कैश की किल्लत से जूझ रहा है. तालिबान लोगों को अब कैश के बदले गेहूं दे रहा है.

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