
केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर DA में बढ़ोतरी की मांग, CM ममता बनर्जी ने कहा- नहीं दे पाएंगे...
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ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार पहले से ही अपने कर्मचारियों को 105 प्रतिशत डीए दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को अधिक छुट्टियां मिलती हैं. ज्यादा छुट्टियां लेने और ज्यादा डीए मांगने से काम नहीं चलेगा.
महंगाई भत्ते (DA) को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य सरकार के कुछ कर्मचारियों के बीच खींचतान जारी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने साफ कर दिया है कि सरकार डीए में इजाफा करने की स्थिति में नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि हड़ताल के दिन किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी.
दरअसल राज्य सरकार के 18 संगठनों के कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनके डीए को केंद्र सरकार में उनके समकक्षों के स्तर तक बढ़ाया जाए. कर्मचारी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 10 मार्च को एक दिन की हड़ताल पर चले गए थे.
ममता बनर्जी ने कर दिया है इंकार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने DA में और बढ़ोतरी देने से इंकार कर दिया है. महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर का हिस्सा होता है. डीए में बढ़ोतरी को लेकर सरकार के खिलाफ उतरे कर्मचारियों ने पिछले हफ्ते अपने खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी की अनदेखी करते हुए 48 घंटे का 'पेन डाउन' किया था.
सरकार पास नहीं है फंड
बता दें, पिछले दिनों ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार के पास कर्मचारियों के डीए में इजाफे के लिए अब फंड नहीं है. अगर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी उनका सिर भी काट दें, तब भी सरकार उनके डीए में अब इजाफा नहीं कर सकती. ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के केंद्रीय कर्मचारियों से अलग वेतनमान हैं. ममता बनर्जी ने दावा किया है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार पहले से ही अपने कर्मचारियों को 105 प्रतिशत डीए दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को अधिक छुट्टियां मिलती हैं. ज्यादा छुट्टियां लेने और ज्यादा डीए मांगने से काम नहीं चलेगा.

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