
किसानों के संसद मार्च पर बोले राकेश टिकैत, ‘हम जरूर जाएंगे, चाहे गिरफ्तार कर ले पुलिस’
AajTak
किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि 22 जुलाई को संसद (Parliament) तक मार्च किया जाएगा. इसको लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने आजतक से बात की.
कृषि कानून (Farm Laws) के खिलाफ जारी किसानों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है. किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि 22 जुलाई को संसद (Parliament) तक मार्च किया जाएगा. इसको लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने आजतक से बात की. राकेश टिकैत ने साफ कहा कि अगर पुलिस परमिशन नहीं देती है, तो कोई बात नहीं हम ज़रूर जाएंगे चाहे हमें गिरफ्तार कर लें. राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन तो पूरी दुनिया में होते ही हैं, दिल्ली पुलिस जैसे चाहेगी हम उस शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे. राकेश टिकैत ने कहा कि ये लोग नहीं चाहते हैं कि हम मार्च निकालें, क्योंकि अभी सदन चल रहा है. लेकिन जब कृषि कानून संसद में ही बना है, तो हम विरोध करने रामलीला मैदान या किसी और जगह क्यों जाएं. ‘कोई और तरीका हो तो बताएं’ किसान नेता राकेश टिकैत बोले कि क्या हम संसद पहुंचकर सत्ता परिवर्तन कर देंगे? ये सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन है, ये सांकेतिक होता है. संसद के पास हजारों लोग घूमते हैं, हम तो बताकर जा रहे हैं. हम सिर्फ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताना चाहते हैं, अगर इससे आसान कोई तरीका हो तो हमें बता दीजिए. 26 जनवरी की हिंसा को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को आखिरकार ऐसा क्या हुआ था? हमने तो इनसे रिंग रोड मांगी थी, लेकिन उन्होंने तब अनुमति नहीं दी. यही लाल किले पर ले गए थे उन्होंने ही रास्ता बंद किया था और गांव के लोगों को रास्ते का पता नहीं था.‘शांतिपूर्ण होगा हमारा प्रदर्शन’ गुरुवार के प्रदर्शन को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि हम संसद में शांतिपूर्वक तरीके से जाएंगे. पार्लियामेंट थाने के बाहर अपना मंच लगाएंगे और जब पार्लियामेंट खत्म हो जाएगा तो वापस आ जाएंगे, उसका तो समय भी निश्चित है. गौरतलब है कि पिछले करीब एक साल से कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के टिकरी, सिंघु और गीजापुर बॉर्डर पर हजारों किसान डटे हुए हैं. किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बात हुई है, लेकिन लंबे वक्त से वो भी बंद है. किसान तीनों कानून वापस करवाना चाहते हैं, लेकिन सरकार पर इसपर राज़ी नहीं है.
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में वन तस्करी की शिकायत पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर फायरिंग का मामला सामने आया है. जब टीम जंगल में छापेमारी कर रही थी, तभी आरोपी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना से वन विभाग के अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. मौके पर मौजूद लाइव कैमरों ने पूरी मुठभेड़ रिकॉर्ड कर ली, जिसमें आरोपी का हमला स्पष्ट दिख रहा है.

यादव जी लव स्टोरी फिल्म 27 फरवरी को रिलीज़ होने वाली है. यादव समाज ने साफ चेतावनी दी है कि वे इस फिल्म को किसी भी सिनेमाघर में रिलीज नहीं होने देंगे. इस मामले में संभल में FIR भी दर्ज कराई गई है, जिसमें फिल्म के निर्माता, निर्देशक, तथा मुख्य कलाकारों के नाम भी शामिल हैं. इस विवाद ने फिल्म की रिलीज़ पर सवाल खड़ा कर दिया है. इसमें ऐसा क्या हैं, जो शहर-शहर मचा हुआ है बवाल, देखें.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ गया है. अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने योगी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया और हिंदू विरोधी प्रवृत्ति दिखाई है. उन्होंने यह आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया और इसे तीखे तेवर के साथ प्रस्तुत किया.

हाल में पाकिस्तानी के खिलाड़ियों का एक वीडियो वायरल हुआ , जहां वो कह रहे थे कि उनको ऑस्ट्रेलिया में बर्तन धोने पड़े. इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन इस मामले में पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों को वीडियो क्यों डिलीट करना पड़ा, इसकी वजह सामने आ गई है.









