
'कांशीराम को जल्द से जल्द मिले भारत रत्न...', मायावती के भतीजे आकाश आनंद की केंद्र सरकार से मांग
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पिछले महीने राष्ट्रपति भवन द्वारा प्रमुख समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी कांशीराम को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग उठाई थी.
बसपा ने केंद्र सरकार से कांशीराम को देश के लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उनके योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है. बसपा की ओर से यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा के बाद की गई.
बीएसपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार को जल्द से जल्द कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'भारत सरकार को देश के करोड़ों दलितों, शोषितों और अल्पसंख्यक समुदायों को राजनीतिक ताकत देने वाले सामाजिक परिवर्तन के महान नेता कांशीराम साहेब जी को जल्द से जल्द भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए. लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप में सशक्त बनाने में मान्यवर साहेब का योगदान अतुलनीय है'.
देश के करोड़ों दलितों, शोषितों और अल्पसंख्यक समाज को राजनीतिक ताकत देने वाले, सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर कांशीराम साहेब जी को अतिशीघ्र भारत सरकार “भारत रत्न सम्मान” से सम्मानित करे। सामाजिक और आर्थिक तौर पर देश के लोगों को सशक्त करने में मान्यवर साहेब का योगदान अतुलनीय…
पिछले महीने राष्ट्रपति भवन द्वारा प्रमुख समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी कांशीराम को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग उठाई थी. समाज सुधारक भीमराव अंबेडकर के अनुयायी कांशीराम का 2006 में 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. वह बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक थे.
पीएम मोदी ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. मैंने भी उनसे बात की और इस सम्मान के लिए उन्हें बधाई दी. वह हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक हैं और भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है. उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का है. वह देश के गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी रहे. एक सांसद के रूप में उनके विचार हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतर्दृष्टि से भरे रहे हैं'.

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