
'कांग्रेस में विलय की खबरें निराधार...', शरद पवार के आवास पर मीटिंग के बाद बोलीं सुप्रिया सुले
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सुप्रिया सुले ने कहा कि कांग्रेस में विलय की खबरें निराधार हैं, हम सिंबल के लिए कोर्ट जाएंगे, हमने आगामी चुनावों के संबंध में पार्टी के भविष्य के रुख पर चर्चा की है. हम महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के साथ आगामी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि आज की बैठक का उद्देश्य (इंडिया ब्लॉक की) आगामी रैली की योजना बनाना था.
शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का किसी भी राजनीतिक दल के साथ विलय नहीं होगा. ये बात सुप्रिया सुले ने साफ तौर पर कही है. शरद पवार के आवास पर NCP (शरदचंद्र पवार) की बैठक के बाद सुप्रिया सुले ने ये बात कही. सुप्रिया सुले ने कहा कि कांग्रेस में विलय की खबरें निराधार हैं, हम सिंबल के लिए कोर्ट जाएंगे, हमने आगामी चुनावों के संबंध में पार्टी के भविष्य के रुख पर चर्चा की है.
सुप्रिया सुले से जब उनकी पार्टी के विलय को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारा गुट किसी भी राजनीतिक दल के साथ विलय नहीं करेगा. हम महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के साथ आगामी चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि आज की बैठक का उद्देश्य (इंडिया ब्लॉक की) आगामी रैली की योजना बनाना था. इस दौरान उन नेताओं के नामों पर भी चर्चा हुई है जो रैली को संबोधित करेंगे.
पार्टी की पुणे सिटी यूनिक के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने कहा कि हमारी पार्टी के विलय की खबरें गलत हैं. हम नए नाम और नए प्रतीक के साथ आगे आएंगे. उन्होंने कहा कि आज की बैठक आगामी राज्यसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर आयोजित की गई. पुणे में 24 फरवरी को होने वाली भारतीय गठबंधन की रैली पर भी चर्चा हुई.
अनिल देशमुख ने उन खबरों का भी खंडन किया, जिसमें कहा जा रहा था कि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय होगा. बैठक में शरद पवार और सुप्रिया सुले के अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, राजेश टोपे, सांसद अमोल कोल्हे और श्रीनिवास पाटिल समेत अन्य नेता शामिल हुए.
बता दें कि पिछले साल जुलाई में अजित पवार ने एनसीपी से बगावत कर दी थी और वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे. अजित पवार के साथ पार्टी के अन्य 8 विधायक भी थे, जिन्होंने एनसीपी से बगावत की थी. इसके बाद एनसीपी में फूट पड़ गई थी. वहीं चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पिछले सप्ताह अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का नाम 'एनसीपी' और चुनाव चिह्न 'घड़ी' आवंटित किया था.

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