
'कवि, दार्शनिक, इतिहासकार और कट्टर देशभक्त थे सावरकर'... नितिन गडकरी ने बताई Savarkar को लेकर कई अहम बातें
AajTak
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सावरकर को लेकर कई अहम बातें कही. उन्होंने बताया कि सावरकर केवल कट्टर देशभक्त ही नहीं थे, बल्कि एक शानदार कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे. गडकरी ने सावरकर को आदर्श समाज सुधारक बताया.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विनायक दामोदर सावरकर को एक कट्टर देशभक्त बताया है. शनिवार को स्वातंत्र्य वीर सावरकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने संबोधित करते हुए सावरकर के विषय में कई अहम बातें कहीं. इस अवसर पर पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) को सम्मानित किया गया. नितिन गडकरी ने कहा कि सावरकर का वैचारिक दृष्टिकोण वैज्ञानिक था. हिंदुत्व को लेकर सावरकर की जो व्याख्या थी, वह आज भी प्रासंगिक और उपयोगी है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए गडकरी ने बताया कि उन्होंने एक बड़े राजनीतिक नेता से कहा था कि अगर स्वतंत्रता सेनानी महान नहीं हैं, तो इस देश में कोई भी महान नहीं है.
गडकरी ने बताया कि मैंने उस नेता से कहा कि आप विचारधारा की आलोचना कर सकते हैं और विचारों में मतभेद हो सकते हैं. लेकिन देश के लिए सावरकर और उनके परिवार से ज्यादा बलिदान किसी ने नहीं दिया है. सावरकर समाज सुधारक थे
नितिन गडकरी ने कहा कि सावरकर सिर्फ कट्टर देशभक्त ही नहीं थे, बल्कि शानदार कवि, दार्शनिक और इतिहासकार भी थे. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि वे एक आदर्श समाज सुधारक थे. सावरकर का स्पष्ट मत था कि हिंदू समाज में मौजूद जाति व्यवस्था, उसके विभाजन और छुआछूत को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए.
कोई व्यक्ति अपनी जाति के कारण श्रेष्ठ नहीं होता, बल्कि अपने गुणों के कारण श्रेष्ठ बनता है. यही सावरकर का विश्वास था. सावरकर का पूरा जीवन त्याग, तपस्या और समर्पण का उदाहरण है. देश के लिए सावरकर के परिवार जितना बलिदान शायद ही किसी और परिवार ने दिया हो.
गडकरी ने यह भी कहा कि सावरकर के लेखन और उन पर बनी फिल्म अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.

IRAN-USA-ISRAEL War की वजह से देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी की खबरें देश भर से आ रही हैं. गैस की किल्लत को लेकर आज भोपाल और लखनऊ में प्रदर्शन भी हुए. मुंबई में लोगों के लिए खाने पीने की चीजें महंगी हो गई हैं. इन खबरों के बीच एक अच्छी खबर आ रही है कि गैस टैंकर से भरे दो जहाज आज भारत पहुंचे। देखें वीडियो.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.







