
'कल संभल जाकर मृतकों के परिजनों से मिलूंगा, संसद में...', चंद्रशेखर ने किया ऐलान
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यूपी के संभल में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान खूब हंगामा हुआ. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. इसको लेकर सियासत भी होने लगी है. इसी बीच भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यूपी सरकार पर सवाल उठाए हैं.
यूपी के संभल में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान खूब हंगामा हुआ. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. इसको लेकर सियासत भी होने लगी है. इसी बीच भीम आर्मी चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यूपी सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि वह सोमवार को संभल जाएंगे और मृतकों के परिजनों से मिलेंगे. बता दें कि इस हिंसा में 3 लोगों की जान गई है.
चंद्रशेखर आजाद ने की आलोचना
चंद्रेशखर आजाद ने एक्स पर लिखा, 'सरकारी गोलियां बहुजनों पर सीधे चलती हैं. यह कोई मिथक नहीं, बल्कि एक कटु सत्य है, जिसे हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता. चाहे वह एससी/एसटी आंदोलन हो, किसान आंदोलन हो या सीएए विरोधी आंदोलन—हर बार सरकार के इशारे पर पुलिस ने निहत्थे आंदोलनकारियों पर सीधी गोली चलाकर हमारे लोगों की जान ली है. आज संभल में हुई हिंसा में तीन मुसलमानों की जान गई है. इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. मैं जल्द ही घायल पुलिसकर्मियों से मिलकर इस हिंसा की सच्चाई देश के सामने लाने का प्रयास करूंगा. साथ ही, मैं पुलिसकर्मियों को यह याद दिलाना चाहूंगा कि उनकी वर्दी संविधान ने दी है और उन्हें संविधान का ही पालन करना चाहिए, न कि किसी 'ऊपरी आदेश' का.'
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उन्होंने आगे लिखा, 'कल मैं संभल जाऊंगा और इस हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करुंगा. आगामी संसद सत्र में मैं सरकार की आंखों में आंख डालकर कहूंगा कि हमारे लोगों की जान इतनी सस्ती नहीं है. साथ ही, मैं संभल के नागरिकों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें. हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है. हम अपनी लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेंगे.'
चंद्रशेखर ने लिखा कि यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की है.

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