
कर्नाटक में बीजेपी की हार के 6 प्रमुख कारण, ये गलतियां पड़ीं भारी
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कर्नाटक चुनाव में अब तक के रुझानों के मुताबिक कांग्रेस सत्ताधारी बीजेपी को करारी शिकस्त देकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाती नजर आ रही है. कर्नाटक चुनाव में बीजेपी क्यों हारी? कर्नाटक चुनाव में बीजेपी की हार के 6 प्रमुख कारण...
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे का दिन है. कर्नाटक के 36 मतगणना केंद्रों पर 224 विधानसभा के वोटों की गिनती जारी है. अभी तक के रुझानों में कांग्रेस सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को करारी मात देकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आती नजर आ रही है. अभी तक के रुझानों में बीजेपी 80 सीटों के नीचे सिमटती हुई दिख रही है.
कर्नाटक चुनाव के रुझानों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत के साथ ही हार और जीत के कारणों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. कर्नाटक में बीजेपी की करारी हार के पीछे मजबूत चेहरे का न होना और सियासी समीकरण साधने में नाकामी जैसी बड़ी वजहें रही हैं.
बीजेपी की हार के छह कारण
1. कर्नाटक में मजबूत चेहरा न होना: कर्नाटक में बीजेपी की हार की सबसे बड़ी वजह मजबूत चेहरे का न होना रहा है. येदियुरप्पा की जगह बसवराज बोम्मई को बीजेपी ने भले ही मुख्यमंत्री बनाया हो, लेकिन सीएम की कुर्सी पर रहते हुए भी बोम्मई का कोई खास प्रभाव नहीं नजर आया. वहीं, कांग्रेस के पास डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया जैसे मजबूत चेहरे थे. बोम्मई को आगे कर चुनावी मैदान में उतरना बीजेपी को महंगा पड़ा.
2- भ्रष्टाचार: बीजेपी की हार के पीछे अहम वजह भ्रष्टाचार का मुद्दा रहा. कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ शुरू से ही '40 फीसदी पे-सीएम करप्शन' का एजेंडा सेट किया और ये धीरे-धीरे बड़ा मुद्दा बन गया. करप्शन के मुद्दे पर ही एस ईश्वरप्पा को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा तो एक बीजेपी विधायक को जेल भी जाना पड़ा. स्टेट कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने पीएम तक से शिकायत डाली थी. बीजेपी के लिए यह मुद्दा चुनाव में भी गले की फांस बना रहा और पार्टी इसकी काट नहीं खोज सकी.
3- सियासी समीकरण नहीं साध सकी बीजेपी: कर्नाटक के राजनीतिक समीकरण भी बीजेपी साधकर नहीं रख सकी. बीजेपी न ही अपने कोर वोट बैंक लिंगायत समुदाय को अपने साथ जोड़े रख पाई और ना ही दलित, आदिवासी, ओबीसी और वोक्कालिंगा समुदाय का ही दिल जीत सकी. वहीं, कांग्रेस मुस्लिमों से लेकर दलित और ओबीसी को मजबूती से जोड़े रखने के साथ-साथ लिंगायत समुदाय के वोटबैंक में भी सेंधमारी करने में सफल रही है.

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