
कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल, प्रशांत किशोर का रोल भी समझिए
Zee News
चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी युवा नेताओं की आउटसोर्सिंग में जुटी हुई है. बिहार से लेकर गुजरात तक नए जोश को जोड़ने की तैयारी के चलते अब कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी के पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
नई दिल्ली: एकतरफ कांग्रेस (Congress) पार्टी के युवा नेता दूसरे दलों का दामन थाम रहे हैं तो दूसरी तरफ पार्टी इसकी भरपाई के लिए नए युवा नेताओं की आउटसोर्सिंग में जुटी है. खबर है कि कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और जिग्नेश मेवानी (Jignesh Mevani) जल्द कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) नेता और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात हुई. इस बैठक के बाद ये कहा जा रहा है कि कन्हैया कुमार जल्द कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं. कन्हैया को बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) में अहम जिम्मेदारी देने की बात भी चल रही है. उन्हें बिहार कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









