
कजाकिस्तान में चीन और पाकिस्तान पर जमकर बरसे विदेश मंत्री एस. जयशंकर
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को टारगेट करते हुए कहा है कि उग्रवाद, कट्टरता और हिंसा जैसे तत्वों को बढ़ावा देने वाले देशों को खुद भी इनके खतरों को झेलना पड़ता है. जयशंकर ने कजाकिस्तान में कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेज़र्स इन एशिया (CICA) सम्मेलन में ये बातें कहते हुए चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बेल्ड एंड रोड इनिशिएटिव(बीआरआई) पर भी निशाना साधा है.
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद सबसे ज्यादा सवाल पाकिस्तान की भूमिका पर ही उठ रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में से हैं जो तालिबान सरकार की लगातार वकालत कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान पर आर्थिक प्रतिबंध ना लगाने की अपील कर रहे हैं. कजाकिस्तान पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक बार फिर आतंकवाद पर कड़े शब्दों में संदेश दिया. जयशंकर ने पाकिस्तान के दोस्त चीन को भी दूसरे देशों में परियोजनाओं के नाम पर अपना प्रोपैगेंडा ना चलाने की सलाह दी.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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