
कंधे पर रखकर दागी जा सकेंगी मिसाइलें, और पुख्ता होगी चीन-PAK बॉर्डर की सुरक्षा
AajTak
DRDO सिस्टम को एजेंसी द्वारा हवा में टारगेट भेदने के लिए एक ट्राइपोड आधारित सिस्टम के रूप में बनाया गया है लेकिन सेना चाहती है कि इसे सैनिकों द्वारा अपने कंधों से लॉन्च करने के लिए बनाया जाए. भारत 2009 से कंधे से दागी जाने वाली अपनी मिसाइल लिस्ट को बदलने और बढ़ाने पर काम कर रहा है.
भारतीय सेना (Indian Army) कंधे से दागी जाने वाली वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली विकसित करने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रही है. चीन और पाकिस्तान सीमाओं पर खतरों से बचाव के लिए भारतीय सेना द्वारा थल सेना और वायु सेना दोनों के सैनिकों को 350 से ज्यादा लॉन्चर और लगभग 2000 मिसाइलें उपलब्ध करवाई जाएंगी. दुश्मन के ड्रोन और लड़ाकू विमानों के खतरों से निपटने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों के लिए यह एक बड़ा प्रोत्साहन हो सकता है.
रक्षा अधिकारी ने बताया कि पहला प्रोजेक्ट ज्यादा प्रभावी लेजर बीम राइडिंग वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) के लिए है, जिसके लिए हैदराबाद में एक डिफेंस पीएसयू और महाराष्ट्र की प्राइवेट क्षेत्र की कंपनी विवाद में हैं और उन्हें स्वदेशी रूप से प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट दिया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट चल रहा है और उसमें जो काम हुए हैं, वो बेहद उत्साहजनक हैं. एक अन्य प्रोजेक्ट डिफेंस रिसर्च और डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा अपने चयनित पार्टनर्स अडानी डिफेंस और हैदराबाद के फर्म I-Comm इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ की जा रही है.
2009 से काम कर रहा है भारत
सूत्रों के मुताबिक DRDO सिस्टम को एजेंसी द्वारा हवा में टारगेट भेदने के लिए एक ट्राइपोड आधारित सिस्टम के रूप में बनाया गया है लेकिन सेना चाहती है कि इसे सैनिकों द्वारा अपने कंधों से लॉन्च करने के लिए बनाया जाए. भारत 2009 से कंधे से दागी जाने वाली अपनी मिसाइल लिस्ट को बदलने और बढ़ाने पर काम कर रहा है.
यह भी पढ़ें: भारतीय सेना को जल्द मिल सकता है कंधे पर रखकर दागने वाला नया रॉकेट लॉन्चर, जानिए इसकी ताकत

नेपाल के खोटांग में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है. एक को मामूली चोट आई है, जबकि बाकी सभी सुरक्षित हैं. यह हेलीकॉप्टर सुबह 11 बजे काठमांडू से पांच यात्रियों को लेकर उड़ा था और लैंडिंग के दौरान केपिलासगढी गांवपालिका-2, खार्ताम्छा के बालाबेसी क्षेत्र में 11 बजकर 51 मिनट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक ही परिवार के लोग सवार थे.

Eid Ul Fitr 2026: ईद-उल-फितर मुस्लिम समुदाय का सबसे खास त्योहार है, जो रमज़ान के महीने के रोज़े रखने के बाद मनाया जाता है. ईद की तारीख शव्वाल महीने का चांद दिखाई देने पर तय होती है. फिलहाल इस खास मौके पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों और प्रियजनों को सोशल मीडिया के जरिए खास मैसेज भेजकर ईद की मुबारकबाद दे सकते हैं.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.

ईरान में कल लारीजानी की हमले में मौत के बाद इस वक्त महायुद्ध महाभीषण मोड़ पर पहुंच चुका है. IDF ने पुष्टि की है कि कुछ ही देर पहले, ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है. होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में लोगों के मोबाइल फ़ोन पर सीधे तौर पर एक प्रारंभिक निर्देश जारी किया है.

इजरायल के लेबनान पर लगातार हमले जारी है, एक के बाद एक इजरायल लेबनान के कई हिस्सों पर भी,ण बमबारी कर रहीा है. बेरूत में भी इजरायल रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बना रहा है. सेंट्रल बेरूत में इरजरायली एयरफोर्स ने एक 22 मंजिला इमारत को टारगेट किया, जिसके बाद बिल्डिंग पूरी तरह सेढह गई. इस हमले में अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है.








